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October 15, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 अक्टूबर 2020। साहित्य अकादमी, नई दिल्ली की वेबलाइन सीरिज में कथा संधि कार्यक्रम के तहत परलीका के साहित्यकार डॉ सत्यनारायण सोनी ने राजस्थानी कहानी पाठ किया।
अकादमी में राजस्थानी भाषा के प्रभारी ज्योतिकृष्ण वर्मा ने बताया कि राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के इस ऑनलाइन कार्यक्रम में डॉ सोनी ने ‘ दीये तळे अंधारो ‘ कहानी का पाठ किया। सोनी की इस कहानी में संवेदना के स्तर पर व्यक्ति में आये बदलाव का चित्रण था। महामारी के इस दौर में व्यक्ति का सोच, भाव और संवेदना में बड़ा बदलाव आ गया है। सोनी की इस कहानी में मानवीय रिश्तों में आये परिवर्तन को भी रेखांकित किया गया है। कहानी में राजस्थानी मुहावरों का प्रभावी उपयोग हुआ है।
कहानी पर टिप्पणी करते हुए राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल के संयोजक मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘ ने कहा कि राजस्थानी कहानी ने अपनी सींव तोड़कर नये कथानकों की तरफ प्रवेश कर लिया है। उत्तर आधुनिकता के इस दौर में राजस्थानी कहानी किसी भी दूसरी भाषा की कहानी से पीछे नहीं है। सोनी की कहानी को उन्होंने संवेदना का अन्वेषण करने वाली रचना बताया। अकादमी के ज्योतिकृष्ण वर्मा ने बताया कि इस दौर में जब आयोजन सम्भव नहीं है तो अकादमी वेबलाइन सीरिज के जरिये राजस्थानी साहित्य को देश – दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रही है। डॉ सोनी ने इस साहित्य कार्य के लिए अकादमी, राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल और अकादमी सचिव के श्रीनिवास राव का आभार जताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। साहित्य अकादमी नई दिल्ली की वेबलाइन सीरीज में भाग लेते सुविख्यात राजस्थानी साहित्यकार मधु आचार्य और सत्यनारायण सोनी, ज्योति कृष्ण वर्मा।