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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जून 2020। भीषण गर्मी के दौर में पेयजल आपूर्ति नहीं होना सबसे अधिक पीड़ादायी है। सरकार के पेयजल आपूर्ति विभाग के मंत्रीजी हमारे जिले के है और पूरे राजस्थान में पेयजल किल्लत नहीं होने के आश्वासन जनता को और निर्देश विभाग को देते नजर आते है। सरकार ने भारी भरकम बजट भी पेयजल आपूर्ति के लिए आवंटित किया है। अब बजट की बात तो तथाकथित मोटे लोग जाने परन्तु जनता पीने के पानी को तरस जाती है। पानी व्यर्थ बहे तो जनता को पीड़ा होती है पर विभाग को तकलीफ नहीं होती। देखें हमारी तहसील में पेयजल के बिगड़ते हालात श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के साथ।

1- सोमवार को कस्बे में एनएच 11 से पुलिस थाने के पीछे प्रताप बस्ती, प्रेम नगर, लोहार बस्ती की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ। कल जेसीबी मशीन के माध्यम से सड़क बनाने के लिए खुदाई प्रारम्भ हुई और जेसीबी मशीन से सड़क के दोनों ओर जो पानी सप्लाई के पाइप थे वो टूट गये। मौहल्ले वासियों ने जेसीबी के संचालक, ठेकेदार एवं जलदाय विभाग के कर्मचारियों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य के साथ ही दोनों ओर के पाइपों को नए सिरे से डाल दिया जाएगा जिसमें समय लग सकता है इस कारण मोहल्ले में जल की सप्लाई कुछ दिनों के लिए बाधित रहेगी। प्रश्न है तब तक विभाग सैकड़ो लोगो के पेयजल आपूर्ति की क्या वैकल्पिक व्यवस्था करेगा। खैर हद तो तब हुई जब आज सुबह विभाग ने पाइप लाइन की सप्लाई खोल दी और से मौहल्ले में करीब बाईस सौ घरों की प्यास बुझाने के लिए दिया जाने वाला पानी व्यर्थ सड़क किनारे बह गया। देवकरण शर्मा ने बताया कि सूचना होने के बावजूद विभाग के कर्मचारी ने जल सप्लाई दी सैकड़ो लीटर जल व्यर्थ बहा दिया। मौहल्ले वासी बीरबल मोट, अशोक राजपुरोहित, राजू नाथ कलवानिया, सुभाष सिद्ध बाना, मुकेश कुमार शर्मा, श्याम सारस्वत, शीशपाल लुहार, शंकर लुहार, नंदकिशोर, राकेश सिहाग, रामप्रताप नैण आदि ने बताया कि इन बस्तियों को सड़क से जोड़ने के विकास की कीमत पेयजल के लिए तरस कर चुकानी होगी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सूचना के बावजूद व्यर्थ बहाया हजारों लीटर पेयजल।

धनेरू गांव 25 दिन से प्यास से बेहाल है, विभाग सुनवाई नहीं कर रहा, मंत्री जी की घोषणा 2 साल बाद भी नहीं हुई साकार।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। धनेरू गांव की करीबन 7 हजार की आबादी पेयजल के लिए 25 दिनों से भारी किल्लत का सामना कर रही है। यहां गांव में 2 ट्यूबवेल है पेयजल आपूर्ति के लिए और दोनों खराब पड़े है। हालात ये है कि महिलायें सरपंच को खरी खोटी सुना कर पेयजल व्यवस्था की मांग करती है। गांव में आक्रोश है और सरपंच मोहन स्वामी ने बताया कि भयंकर समस्या का सामना करते हुए रोजाना विभाग से सम्पर्क कर रहें है परन्तु प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। स्वामी ने जानकारी दी कि पेयजल किल्लत दूर करने के लिए 1 मई 2018 में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने गांव में रात्रि चौपाल में 2 ट्यूबवेल बनवाने की घोषणा की थी परन्तु अभी तक घोषणा गांव में जमीन पर साकार नहीं हो पाई है। पूर्व सरपंच कालूनाथ सिद्ध ने कहा कि गांव में कोई प्यास से मर जायेगा तो गांव का कितना दुर्भाग्य होगा। जो टैंकर नहीं मंगवा सकते उनके हालात बदतर है। गांव के अनुभवी बुजुर्ग राधाकिशन जोशी ने कहा कि पानी छोड़ कुछ नहीं मांगते ग्रामीण और ये मूलभूत जरूरत भी सरकारें पूरी नहीं कर पाती ये सरकारें कहाँ विकास करती है। जनता को तो गुमराह किया जाता है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव धनेरू में भयंकर जल संकट का सामना कर रहें है ग्रामीण।

3- गांव सतलेरा में मेघवाल मौहल्ले प्यासा, एक दिन नहीं चला ट्यूबवेल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव सतलेरा के मेघवाल मौहल्ले में सांसद अर्जुनराम मेघवाल द्वारा बनवाया गया ट्यूबवेल एक दिन भी नहीं चल सका और पेयजल आपूर्ति उससे हो ही नहीं पाई। नतीजन इस मौहल्ले की महिलाएं आज भी प्यास में 12 महीनें सिर पर पानी ढोती है। सरपंच प्रतिनिधि भीखाराम जाखड़ ने बताया कि जिलाकलेक्टर सहित सभी अधिकारियों को अवगत करवा दिया है पर कोई कार्यवाही नहीं कि गयी है। इस ट्यूबवेल को बनाना, पाईप लाइन बिछाने, बिजली कनेक्शन लेने सभी में जो पैसा लगा व्यर्थ हो गया और आज भी मौहल्ला प्यास से संघर्ष कर रहा है। ग्रामीण गर्मियों में भारी समस्या का सामना करते है।