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October 17, 2026
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अनुशासन ही जीवन की शोभा है- साध्वी संगीतश्री, अनुशासन दिवस कार्यक्रम में ये हुए शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अनुशासन ही जीवन की शोभा है। जो व्यक्ति अनुशासित रहता है, वही सच्चे अर्थों में सफल होता है। ये बात साध्वी संगीतश्री जी ने अपने उद्बोधन में कही, और मौका था अणुव्रत सप्ताह के तहत मालू भवन में आयोजित अनुशासन दिवस के कार्यक्रम का। उन्होंने कहा कि आचार्य महाश्रमण जी ने जन जन तक अनुशासन का संदेश पहुंचाया है। साध्वी डॉ परमप्रभा जी ने प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जीवन में अनुशासन को आत्मसात कर आगे बढ़ सकता है। दोनों साध्वियों ने अपने प्रवचन में विभिन्न कथाओं के माध्यम से अनुशासन के बारे में विस्तार से समझाया। कार्यक्रम में नवकार महामंत्र का जप किया गया। कार्यक्रम के प्रभारी तुलसीराम चौरड़िया, तेरापंथी सभा से प्रमुख वक्ता विजयराज सेठिया, तेयुप से चमन श्रीमाल, शिक्षाविद विजयराज सेवग ने अनुशासन के विभिन्न पहलुओं के बारे में अपने विचार रखे। इस अवसर पर संस्कार इनोवेटिव पब्लिक स्कूल एवं ब्राइट फ्यूचर स्कूल के अनेक विद्यार्थी कार्यक्रम में उपस्थित रहें। जिन्होंने अनुशासन के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष सुमति पारख, प्रभारी तुलसीराम चौरड़िया, सहप्रभारी केएल जैन के नेतृत्व में हुआ। समिति के उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में विमल भाटी, लालसिंह कंपाउंडर, छगन प्रजापत, कांतिप्रसाद दर्जी, मनीष लोहिया, मीनाक्षी, गोविंदराम सिंघी, चौथमल कोठारी, त्रिलोकचंद हीरावत, महेंद्र मालू, विमल भाटी, शुभकरण पारीक, संजय पारीक, विशाल स्वामी, मुकेश स्वामी, अशोक झाबक, अशोक बैद सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन चमन श्रीमाल ने किया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अणुव्रत दिवस के तहत आयोजित अनुशासन दिवस में शामिल हुए स्कूली छात्र छात्राओं सहित प्रबुद्धजन।

हत्यारोपी को सुनाई आजीवन कारावास की सजा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सोमवार को अपर सेशन न्यायाधीश सरिता नौशाद ने हत्या के एक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नौशाद ने सुरजनसर निवासी लालाराम उर्फ लालचंद पुत्र गोविंदराम को नानूराम की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास व 30 हजार रूपए का अर्थदंड की सजा सुनाई है। परिवादी मृतक के भाई भोजाराम ने 11 अक्टूबर 2022 को थाने में मामला दर्ज करवाया। हत्या के मामले की जांच व चार्टशीट पेश करने के बाद आरोपी को सजा दिलवाने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

“आग अभी शेष है” पर पुस्तकालोचन का आयोजन, कवि पुरोहित के सृजनधर्मिता को सराहा, ये रहें शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 अक्टूबर 2025। प्रज्ञालय संस्थान व राजस्थानी युवा लेखक संघ द्वारा एक नई पहल करते हुए पुस्तकालोचन कार्यक्रम का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम बीकानेर के लक्ष्मीनारायण रंगा सृजन सदन में हुआ और चौथी कड़ी में श्रीडूंगरगढ़ के साहित्यकार रवि पुरोहित द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘आग अभी शेष है’ पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने रवि पुरोहित की कविताओं को पाठकों में प्रकृति एवं मानवीय राग के प्रति लगाव पैदा करने वाली बताया। रंगा ने कहा कि आज के जटिल एवं क्रूर दौर में ये कविताएं समाज में मानवीय मूल्यों एवं रिश्तों की सौरम के लिए अपनी सशक्त काव्य अभिव्यक्ति पाठकों तक पहुंचती है। रंगा ने कहा कि कवि पुरोहित की काव्य सम्प्रेषणत्ता पाठकों से एक रागात्मक रिश्ता जोडती है। उन्होंने भाषा की भी सराहना की। समारोह में मुख्य अतिथि वरिष्ठ आलोचक व शिक्षाविद् डॉ उमाकांत गुप्त ने इस पुस्तक की कविताओं को समय की धड़कन से संवाद करने वाली बताते हुए समय के सच का उद्घाटन करने वाली बताया। गुप्त ने पुस्तकालोचन कार्यक्रम को भी सकारात्मक नवाचार बताया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार मोनिका गौड़ ने इस संग्रह को प्रकृतिशील प्रेम कविताओं का संग्रह बताया। उन्होंने कहा कि कविताओं के वैश्ष्ट्यि के कारण समकालीन रचना धर्मिता से थोड़ा अलग भी है। वरिष्ठ शायर कासिम बीकानेरी ने पुस्तक की कविताओं को विभिन्न पक्ष उजागर करने वाली एवं साहित्य, समाज, प्रेम रिश्तों आदि जैसे विषयों पर अपनी अनुभूति व्यक्त करने वाली बताई। कवि जुगल किशोर पुरोहित ने रवि पुरोहित कि कविताओं को वर्तमान समय की स्थितियां एवं परिस्थितियों को अभिव्यक्त करने वाली बताई। कवि रवि पुरोहित ने कविता की अपनी सर्जनात्मक प्रविधि और वास्तु होने की बात कही। उन्होंने कहा कि भाव, भाषा, संवेदना, शिल्प, अर्थवत्ता, सामाजिक सरोकार सलीका और कहने की तमीज मिल कर कविता के वास्तु का निर्माण करते हैं। सभी का स्वागत करते हुए जाकिर अदीब ने प्रज्ञालय संस्थान के साहित्यिक अवदान को रेखांकित करते हुए पुस्तकालोचन का महत्व बताया। कार्यक्रम में साहित्यकार बुलाकी शर्मा, राजेन्द्र जोशी, गिरिराज पारीक, सरोज शर्मा, गोविन्द जोशी, संगीता ओझा, गोपाल कुमार व्यास ‘कुण्ठित’, गुलजार बानो, महेन्द्र जोशी, कृष्णचंद पुरोहित, डॉ. अजय जोशी, राजेश रंगा, विप्लव व्यास, डॉ. फारूक चौहान, भवानी सिंह, अशोक शर्मा, तोलाराम सारण, घनश्याम ओझा, कार्तिक मोदी सहित अनेक साहित्यिकार शामिल हुए। कार्यक्रम का सफल संचालन कवि गिरीराज पारीक ने किया एवं सभी का आभार मो. फारूक चौहान ने ज्ञापित किया।

श्रीडूंगरगढ़ में 684 दिव्यांग है यूडीआईडी कार्ड से वंचित, पीबीएम में शिविर शुरू।  
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड से वंचित जिले के 4 हजार 761 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए विशेष शिविर सोमवार को पीबीएम अस्पताल के पीएमआर विभाग में शुरू हुआ। जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि के निर्देश पर जिले में पहली बार आयोजित हो रहे इन विशेष शिविरों के दौरान दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। शिविर प्रतिदिन प्रातः 9 से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा। यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए दिव्यांग को ईमित्र पर किए गए आवेदन अथवा रजिस्ट्रेशन की प्रति या आधार कार्ड ले जाना आवश्यक होगा। बता देवें स्वावलम्बन पोर्टल के अनुसार जिले में यूडीआईडी कार्ड से वंचित दिव्यांगों की संख्या 4 हजार 761 है। इनमें बीकानेर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के 1 हजार 462, लूणकरणसर के 561, कोलायत के 496, खाजूवाला के 644, नोखा के 914 तथा श्रीडूंगरगढ़ के 684 दिव्यांग शामिल हैं।