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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 जुलाई 2024। तिल सफेद हो या काला, दोनों के ही अपने फायदे हैं। अपने गुणों के कारण काला तिल एक सुपरफूड की श्रेणी में भी आता है। काला तिल एक हर्बल मसाले जैसा है, जो निजेला सटाइवा पौधे से मिलता है। ये एक अच्छा एंटी-ऑक्सीडेंट है और साथ ही इसमें एंटी-बैक्टिरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। ये एक पावरफुल इम्यून मॉड्यूलेटर है, जिससे इम्यून सिस्टम संतुलित बना रहता है। सदियों से काले तिल का इस्तेमाल तरह-तरह के पकवान बनाने के साथ कई तरह की दवा के रूप में भी होता है।

कैसे इस्तेमाल होता है काला तिल

कई प्रकार के नान, मफिन्स, केक, नट्स आदि में काले तिल छिड़क कर इसे सजाया जाता है। नमकीन कचौरी या पंचफोरन से बने मसालों में भी काले तिल का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही सिरदर्द, दांत दर्द, अस्थमा, आर्थराइटिस, कंजंक्टिवाइटिस जैसे तमाम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में इसका प्रयोग किया जाता है। जानते हैं कि काले तिल के क्या हैं फायदे-

काले तिल के फायदे-

  • शोध के अनुसार खांसने, गले की खराश और अस्थमा के मामले में काले तिल का सेवन करने से बहुत सुधार आता है। यह म्यूकस कम करता है और इन्फ्लेमेशन घटा कर इस प्रकार की एलर्जी से बचाता है। साइन्यूसाइटिस के मामले में भी काला तिल बहुत फायदेमंद होता है।
  • काले तिल का सेवन करने से डायबिटीज के मरीज का ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल लेवल दोनों ही संतुलित बना रहता है।
  • काले तिल में लिनोलिक एसिड और ओलिक एसिड जैसे हेल्दी फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो कॉलेस्ट्रॉल के लेवल को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं।
  • हाई ब्लड प्रेशर को भी कम करने में काले तिल की भूमिका होती है।
  • काले तिल से स्पर्म काउंट भी बढ़ता है।
  • काले तिल के तेल से ब्रेस्ट का मसाज करने से ब्रेस्ट में हो रहा दर्द कम होता है।
  • काली तिल एक बेहतरीन एंटी-ऑक्सीडेंट होने के कारण बालों को झड़ने से रोकता है और इनका पतला होना भी कम करता है।
  • यह सोरिएसिस और एक्जिमा के लक्षणों में सुधार लाता है।
  • फंक्शनल डिस्पेप्सिया जैसे कंडीशन में काला तिल का सेवन करने से ये गैस्ट्रिक अल्सर और कोलाइटिस जैसी समस्याओं से निजात दिलाता है।