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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 सितंबर 2022। 70 साल बाद देश में चितो को मंगवाकर उनके भोजन के लिए चीतल व हिरणों को कूनो पार्क में छोड़े जाने के समाचार से सिद्ध समाज व विश्नोई समाज और वन्य जीव प्रेमियों द्वारा रोष प्रकट किया जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ में बहुतायत और पश्चिमी राजस्थान में प्रमुखत निवास करने वाले सिद्ध समाज ने अपना रोष प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। सिद्ध युवा महासभा संस्था बीकानेर के अध्यक्ष भगवान नाथ कलवानियां ने समाज की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर अपना विरोध दर्ज करवाया। कलवानियां ने टाइम्स को बताया कि गुरू जसनाथजी द्वारा दिये गए 36 नियमों की मूल शिक्षा में वन्य जीवों में हिरण की रक्षा करने का आदेश किया था और मृग सिद्ध सम्प्रदाय और जसनाथ जी के अनुयायियों सहित बिश्नोई सम्प्रदाय के लिए धार्मिक व आध्यात्मिक महता से जुडा पूजनीय प्राणी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के गांवों में हिरण स्वच्छंद विचरण करते है इसके पीछे यहां के ग्रामीण जनमानस पर जसनाथजी महाराज एवं जांभोजी महाराज का प्रभाव है। कलवानियां ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से आमजन में रोष बढ़ रहा है और जनता आंदोलन को आतुर हो रही है। कलवानियां ने प्रधानमंत्री से जनभावनाओं को देखते हुए तुरंत इस निर्णय को बदलने की मांग की है।