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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 अगस्त 2021। कस्बे में ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय में पूर्ण वैदिक विधि विधान से बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया। मां सरस्वती चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित विद्यालय में परिसर में स्थित कैलाश मानसरोवर के प्रतिकात्मक सरोवर में छात्रों को जल में खड़े होकर विधि विधान से जनेऊ धारण करवाया गया। विद्यालय के व्यवस्थापक सत्यनारायण पारीक ने बताया कि सनातन धर्म के 16 संस्कारों में से एक ‘उपनयन संस्कार’ के अंतर्गत ही जनेऊ पहनी जाती है जिसे ‘यज्ञोपवीत संस्कार’ भी कहते हैं। जनेऊ धारण करने के बाद ही द्विज बालक को यज्ञ तथा स्वाध्याय करने का अधिकार प्राप्त होता है। पारीक ने बताया कि आगामी जीवन में चरित्र निर्माण के लिए ये संस्कार आधार माना जाता है। इस दौरान आचार्य गोविंद प्रसाद शर्मा, रविशंकर प्रसाद, मास्टर भंवरलाल शर्मा, पंडित कैलाश शर्मा उपस्थित रहें। आयोजन में विशेष सानिध्य कथा वाचक संतोष सागर का रहा था कस्बे के अनेक लोगों ने इस कार्यक्रम को देखा व सराहना की।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बालकों का विधि विधान से यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न किया गया।