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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 जून 2024। आबकारी विभाग, शराब ठेकेदार की अधिकतम शराब बेचो की नीति नहीं बल्कि गांव के युवाओं को नशे से बचाने के लिए पूरे गांव का सामूहिक संकल्प ही बड़ा है। अपने गांव का सम्मान बचाने के लिए इस बात को प्रमाणित करने के लिए गांव धीरदेसर चोटियान के बुजुर्गों ने कमर कस ली है और गुरूवार से गांव में एक ऐतिहासिक आंदोलन के रूप में “सविनय समझाईश आंदोलन” की शुरूआत कर दी है। आबकारी विभाग द्वारा गांव के विरोध के बाद भी जबरन ठेका संचालित करने के विरोध में ग्रामीणों ने गुरूवार को गांव में आम सभा का आयोजन किया गया। जिसमें गांव के बुजुर्गों ने किसी भी कीमत पर गांव के युवाओं को नशे के दलदल में नहीं उतरने देने और नशे के कारण परिवारों को बर्बाद होने से बचाने का निर्णय लिया है। इस आंदोलन के तहत गांव के 10-10 बुजुर्गों की टोली द्वारा प्रतिदिन आबकारी विभाग द्वारा स्थापित करवाए गए शराब ठेके के पास में धरना लगा कर बैठने और ठेके पर शराब खरीदने के लिए आने वाले युवकों को समझाईश कर शराब का सेवन नहीं करने का आग्रह करने का निर्णय लिया है। इस पर भी शराब खरीददार नहीं समझेगा तो उसके घर पहुंच कर गांव के बुजुर्ग सामूहिक रूप से शराब छोड़ने के लिए सविनय समझाईश करेगें। बैठक में श्यामसुंदर आर्य, बेगाराम, लक्ष्मणसिंह, श्यामसुंदर, जयराम, ओमप्रकाश, भंवरलाल, मोहनलाल, रामेश्वरलाल, सत्यनारायण सहित बड़ी संख्या में गांव के बुजुर्ग व ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर सर्वसम्मति से गांव का सम्मान बचाने के लिए संघर्ष करने के निर्णय में सहमत नजर आए। गांव की महिलाओं ने भी आंदोलन की सराहना करते हुए शराब बंदी में शामिल होने की बात कही।
पंचायत से पूछे पांच सवाल, नियमों की अनदेखी कर चलाए जा रहे ठेके को बंद करवाने की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरूवार को गांव में आम बैठक के बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से गांव के सरपंच को ज्ञापन देकर गांव के राउमावि के पीछे एवं खेल मैदान के पास चल रहे शराब ठेके के संबध में विभिन्न जानकारियां मांगते हुए नियमों की पूर्ति नहीं होने पर ठेका बंद करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने ठेका स्थल पर हुए निर्माण कार्य की पंचायत से अनुमति लिए जाने, उक्त स्थल का पट्टा होने या नहीं होने, पट्टा होने तो आवासीय या व्यवसायिक होने व ठेका संचालन के लिए पंचायत की एनओसी लेने या नहीं लेने की जानकारियां मांगी गई है। साथ ही पंचायत द्वारा उक्त ठेके का व्यवसायिक पट्टा नहीं होने की स्थिति में, निर्माण की एनओसी नहीं लेने की स्थिति में, ठेका संचालन की एनओसी नहीं लेने की स्थिति में ठेका बंद करवाने एवं निर्माण को अवैध मानते हुए ध्वस्त करवाने की मांग की है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव में आयोजित की आमसभा, लिया सविनय समझाईश आंदोलन प्रारंभ करने का निर्णय।