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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स। 20 मई,2019। संवेदनहीन राज से हैरान जनता ने आज कस्बे के प्रशासन में लालफिताशाही का साक्षात नमुना देखा। श्रीडूंगरगढ की अनाथ सी हुई जनता जाये तो कौनसे दर पर जाये। यहां नगरपालिका की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह के साथ संवेदनहीनता का आरोप लगाया जा रहा है। आज जनता ने अपने दुख-दर्द से राज का कोई सरोकार नहीं होना पाया। तीन अलग अलग मामलों में  नगरपालिका पहुंचे नागरिक एक हो गये व सभी नागरिको के खिलाफ ई.ओ. भवानीशंकर ने मुकदमा दर्ज करवा दिया। आज अधिशासी अधिकारी के पास गये तोलाराम मारू ने सफाई कर्मचारी से ऑफिस कार्य नहीं कराने व उन्हें सफाई में लगाने की तभी वहां शुरवीर मोदी रानी बाजार में सड़क निर्माण में प्रयुक्त घटिया सामग्री की जांच हेतु मांग करने गये। उसी समय वार्ड 26,28 की महिलाएं अपने मौहल्ले में सफाई की मांग करने पहुँची सभी आमजन को वहां उपस्थित कर्मचारियों ने ई.ओ. का जोधपुर होना बताया व कल आने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने मीडियाकर्मियों को वहां बुलाया जिससे घबरा कर ई.ओ. भवानी शंकर अपने क्वार्टर से निकल कर आये जिससे उपस्थित लोगों में रोष भर गया। उन्होनें अधिशाषी अधिकारी पर झुठ बोलने व जनता से न मिलने का व अपने कर्तव्य नहीं निभाने का आरोप लगाया। वहां अधिकारी ने इन लोगों से कहासुनी की व सभी असंतुष्ट नागरिक उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंचे व उनसे इस ई.ओ. के गैर जिम्मेदाराना रवैये की शिकायत की। रामरख मीणा ने महिलाओं व नागरिको से बातचीत कर जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया। उधर अधिशाषी अधिकारी भवानी शंकर ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए शूरवीर मोदी, तोलाराम मारू, नारायण गोलछा, प्रकाश बरडिया, व महिलाओं पर राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कराया। जनता का आरोप है कि अगर राजकार्य अच्छे से निभाते तो हमें यहां आना ही नहीं पडें।

शहर में स्वच्छ भारत के दर्शन गलियों में अटी पड़ी गंदगी से हो रहे है। लग रहा है जैसे यहां कोई शासन व्यवस्था है ही नहीं। अगर कोई आम जन मिलने जाये तो अधिकारी कल आने का कह कर मिलना भी मुनासिब नहीं समझते। जनता एक तो करेले ऊपर से नीम चढे रवैये से परेशान हो गयी है। आज कई नेताओं ने आंदोलन करने की बात कही। संभव है कि अब सफाई व्यवस्था कुछ सुधार हो सके।