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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 सितंबर 2023। श्रीडूंगरगढ़ से वृदांवन जाकर, आजकल होने वाले सभी तामझाम जचाकर, 13 लाख से अधिक नगदी देकर, लाखों के सोने चांदी के गहने उपहार में देने के साथ एक माँ और भाई ने बड़े अरमानों से बेटी का विवाह ऊंची ईमारतों वाले बड़े शहर में किया। परंतु पगफैरे की रस्म से पहले ही दहेज का लोभ नजर आ गया और एक प्लॉट की मांग पर रिश्ता एक साल भी नहीं टिक पाया व सात फैरों का बंधन टूट गया। बिग्गाबास निवासी पीड़िता नेहा पुत्री स्व. विजय श्रीवास्त ने भाई संदीप के साथ पुलिस थाने पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज करवाते हुए कार्रवाई करने व सामान बरामद करवाने की मांग की है। परिवादिया ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 27 अप्रेल 2021 को वसंत नगरी वसई पूर्व मुम्बई निवासी मोहन पुत्र राजेन्द्र श्रीवास्त से वृदांवन में संपन्न हुआ। परिजनों ने दहेज के सामान के लिए 7 लाख नगदी, ससुराल वालों को मनपसंद कपड़े लेने के लिए 3 लाख नगदी, बेटी की अमानत के तौर पर 80 हजार नगदी, 2100 रूपए के 20 लिफाफे, 1100 रूपए के 45 लिफाफे, 500 रूपए के 30 लिफाफों सहित सोने का हार कान के गहनों का सेट, 6 चुड़ियां, 2 चेन, 9 अंगूठी, दो जोड़ी कान की बालिया, कनौतियां, लूंग नथ, दो बाजूबंद, सोने की सुपारी, चांदी पाजेब 6 जोड़ी, कमरधनी, नारियल, मछली, कटोरा, पांच चांदी के पान, चार सुपारी, 38 सिक्के, सास को पाजेब, एक जोड़ी सगा को सोने की अंगूठियां का दहेज दिया। ससुराल जाने पर पित मोहन, जेठ श्याम श्रीवास्त, सास रेखा, जेठानी रतिका, ननदें नंदिनी, शालिनी ने कम दहेज के ताने दिए। अपनी हैसियत के अनुसार दहेज नहीं देने के नाम पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। पति ने 10 लाख नगदी व नया फ्लेट खरीद कर देने की मांग की। 19 जुलाई को पग फेरे की रस्म के लिए अपने घर आने लगी तो दहेज की मांग रखी। भाई ने बहन का घर बसाने के लिए एक सोने की चेन, एक लाख रूपए नगदी, पीड़िता को अंगूठी, पाजेब, बालियां तोहफे में दी। कुछ दिनों बाद प्रताड़नाओं के कारण पीड़िता का गर्भपात हो गया तो उसे दोषी ठहराया। 3 अप्रेल 2022 को पीड़िता का परिवार उससे मिलने मुम्बई पहुंचा तो उसके हाल पर दुखी और श्रीडूंगरगढ़ ले आए। तब से पीड़िता अपने पीहर ही है और कई बार भाई व माँ ने पंच पंचायती के माध्यम से अभियुक्तों को समझाने का प्रयास किया परंतु वे नहीं माने और पीड़िता की अमानत स्वरूप दिया गया सामान लौटाने से मना कर दिया। पीड़िता ने मामला दर्ज करवाया व पुलिस ने जांच एसआई बलवीरसिंह को सौंप दिया है।