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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 अक्टूबर 2022। सच्चा मित्र वही जो सही दिशा दे और ऐसे मित्र भाग्य से मिलते हैं। जैसे व्यापक अग्नि कल्याण नहीं कर सकती वैसे ही व्यापक परमात्मा से नहीं बल्कि प्रकट परमात्मा से जीव का कल्याण है। यह प्रवचन कस्बे के आडसर बास माहेश्वरी भवन में आयोजित हो रही भागवत के दूसरे दिन संत श्रवणानंद सरस्वती महाराज ने दिए। महाराज ने कहा कि धर्म कर्तव्य है और कर्त्तव्य के प्रति निष्ठावान बने। उन्होंने भागवत को जीव की मुक्ति का ग्रंथ बताया। सूतजी द्वारा शौनकादि ऋषियों के प्रश्न उत्तर प्रसंग, गुरु की स्थिति, गुरु की करुणा, शाश्त्रो का सार, सत्संग की महिमा, अहिंसा और भाग्य आदि प्रसंगों को उल्लेखीत करते हुए जीवनोपयोगी प्रवचन दिए। दिवंगत संत बाबा किशनाराम सुथार की सद्प्रेरणा से नारायनीदेवी रामगोपाल सुथार परिवार द्वारा आयोजित इस कथा को सुनने बड़ी संख्या में कस्बेवासी पहुंच रहे हैं। कथा में रतनसिंह, सत्यनारायण स्वामी, सहित कई भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए।