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October 16, 2026
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नव-निर्वाचित अध्यक्ष पहुंचे ननिहाल तो हुआ जोरदार स्वागत, किए संत दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सिध्द युवा महासभा के नव निर्वाचित अध्यक्ष मुन्नानाथ सिद्ध मंगलवार को गांव पूनरासर में संतश्री पालोजी धाम पहुंचे। जहां उनके ननिहाल के लोगों ने उनका भव्य स्वागत सम्मान किया। इस दौरान स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें गांव के बुजुर्ग, महिलाएं व युवा शामिल हुए। मुन्नानाथ ने समाज की प्रगति के लिए एकजुट होकर प्रयास करने की बात कही। महंत श्री प्रेमनाथ, रामनाथ, सोहननाथ, श्रीरामनाथ, रूपनाथ, शिवनाथ, हरूनाथ, रामूनाथ, चुननाथ, रामेशरनाथ, सुगननाथ, मुन्नीनाथ, डूंगरराम, रामेश्वरनाथ, भिंवनाथ, मुन्नीनाथ, भंवरनाथ, खेमाराम, बिरमनाथ, रामदेवनाथ, अर्जुननाथ, प्रहलादनाथ, बन्नानाथ, दुर्गनाथ, सांवतनाथ ने स्वागत किया। कार्यक्रम में युवा ओमप्रकाश सिद्ध, बेदनाथ, लक्ष्मण, मुखराम, पुरनाथ, रामप्रसाद, मनोज, सांवत, मनोज, रूपनाथ कलवानिया, शंकरनाथ, गौरिशंकर, डालनाथ, कालूनाथ उपस्थित रहें व सभी ने अध्यक्ष व उनके साथ पूर्व कोषाध्यक्ष पप्पानाथ सिद्ध का सम्मान किया। इस दौरान पूर्व सरपंच गौरादेवी की अगुवाई में महिला शक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित रही।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सिद्ध युवा महासभा के अध्यक्ष मुन्नानाथ का पूनरासर में किया भव्य स्वागत सम्मान।

‘स्वस्थ जीवन शैली विषय परिचर्चा’ का आयोजन, डॉ सोनी ने दी स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। व्यक्ति को सक्रिय रहकर दायित्व-निर्वहन को अपनी जीवन-शैली का हिस्सा बनाना चाहिए। जीवन में अनुशासन एवं स्वस्थ जीवन-प्रक्रिया का अहम स्थान होता है। जिसकी शुरुआत विद्यार्थी जीवन से ही करनी चाहिए। ये विचार डॉ. राधाकिशन सोनी ने रखे। वे स्थानीय ताल मैदान स्थित पीएमश्री राउमावि में पृथ्वी दिवस के अवसर पर इको क्लब फ़ॉर मिशन लाइफ के अन्तर्गत आयोजित ‘स्वस्थ जीवन शैली विषयक परिचर्चा’ में विद्यार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे। परिचर्चा में विज्ञान शिक्षिका सुरभि पारीक ने संतुलित भोजन, पर्याप्त मात्रा में फल-सब्जियों एवं तरल पदार्थों का सेवन, चीनी, नमक तथा फ़ास्ट फ़ूड का कम उपयोग, सक्रियता, पर्याप्त नींद एवं स्ट्रेच को आजमाने के सम्बन्ध में जानकारी दी। कार्यवाहक प्राचार्य प्रदीप कुमार कौशिक ने सामाजिक स्वास्थ्य गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अन्य तत्वों की तरह सामाजिक जीवन भी जरूरी है। बातचीत, हंसी, अन्य लोगों से जुड़ाव तथा जीवन का आनन्द लेने के लिए हमें समय निकालना चाहिए। अधिक नहीं तो साथी के कार्यों में ही सहयोग कर दें। प्राध्यापक दीपक चौधरी ने फोन, टीवी एवं कम्प्यूटर से निकलने वाली घातक किरणों से बचने का सुझाव दिया। परिचर्चा में सोमेंद्र बैंस, मदन लाल कड़वासरा, दुर्गा देवी, यशोदा सुथार, लीलाधर, सुखाराम रैगर, राधेश्याम रैगर, रजनी पाटोदिया, कुसुम देवी, रामलाल नाथ, दिव्या कंवर तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यार्थियों ने पक्षियों के लिए शाला परिसर में पाळसिये भी रखें।