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October 15, 2026
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कुंभ स्नान दर्शन के लिए नाचते गाते रवाना हुए सिंधी समाज बंधु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अंचल में चारों ओर से कुंभ स्नान व दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रवाना हो रहें है। गुरूवार सुबह सिंधी समाज के श्रद्धालु हर्षोल्लास के साथ रवाना हुए। समाज अध्यक्ष श्रवणकुमार सिंधी सहित श्रद्धालुओं ने झूलेलालजी का पूजन किया। युवाओं ने पटाखे फोड़े और गाजे बाजे के साथ नाचते गाते श्रद्धालुओं को रवाना किया। रवि रिझवानी ने बताया कि सभी यात्रियों का फूलों से स्वागत करते हुए मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया गया। गिरधारीलाल खटनाणी ने बताया कि बस द्वारा रवाना हुए यात्रियों के साथ विदा करने आए परिजनों ने जमकर जयकारे लगाए व उत्साह के साथ बस रवाना करवाई गई।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। धूमधाम से रवाना हुए कुंभ यात्री, अनेक जनों ने दी शुभकामनाएं।

राधेश्याम ने ओपन नेशनल में जीते तीन स्वर्ण पदक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 44वां ओपन नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन अलवर में किया गया। इस दौरान बीकानेर के खिलाड़ियों ने श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। कोच जगजीत सिंह ने बताया कि छात्र वर्ग में गुसाईंसर बड़ा निवासी राधेश्याम पुत्र लीलाधर खाती ने 100 मीटर, 400 मीटर दौड़ व लंबी कूद में 3 स्वर्ण पदक हासिल किए। इसके अतिरिक्त बीकानेर के खिलाड़ी विवेक रामावत, अभिमन्यु कस्वां, शुभम चौहान, युवराज सिंह, ऋषि वर्मा, विकास भाटी, वासुदेव कूकणा ने भी पदक जीते। वहीं छात्रा वर्ग में डिंपल, हिमाक्षी, प्रियंका ने पदक जीते। पदक जीतकर बीकानेर पहुंचने पर खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। वहीं केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 11 के छात्र राधेश्याम को जानकारों व रिश्तेदारों ने बधाई दी है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुसाईंसर बड़ा निवासी राधेश्याम खाती ने जीते दौड़ व लंबी कूद में गोल्ड मैडल।

बिना दहेज विवाह कर दिया समाज को संदेश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बिग्गाबास निवासी दिवंगत शिक्षक राजेंद्र प्रसाद स्वामी के पुत्र मयंक का विवाह आबसर निवासी सीमा पौत्री रावतदास स्वामी के साथ बुधवार को संपन्न हुआ। गुरूवार सुबह समठूणी की रस्म के समय वर पक्ष के परिवार द्वारा दहेज के लिए ना कहते हुए एक रूपया व नारियल लेकर वधू की विदाई संपन्न करवाई गई। विवाह में शामिल सभी लोगों ने समाज को दहेज मुक्त विवाह का संदेश देने के लिए मयंक व उनके परिवार की सराहना की। पूर्व पार्षद मूलचंद स्वामी ने बताया कि दहेज नहीं लेने की सोच को सोच तक न रखते हुए एक विचारधारा बनाने की जरूरत है जिससे दहेज जैसे अभिशाप से आने वाली पीढ़ियां मुक्ति पा सकें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बिना दहेज संपन्न हुआ मयंक का विवाह, सराहना करते हुए परिजनोंं ने दी बधाई।