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October 16, 2026
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चांदी और सोने ने बनाए नए रिकॉर्ड।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सोना और चांदी के दाम नित नए रिकॉर्ड बना रहें है। पहली बार 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 1.40 लाख रूपए के पार चला गया तो एक किलो चांदी 2.56 लाख पर पहुंच गई। पिछले एक महीने में सोना 6 प्रतिशत और चांदी 31 प्रतिशत महंगी हो चुकी है। बीकानेर के सुविख्यात टीएन ज्वैलर्स के रेवंतराम जाखड़ के मुताबिक सोमवार को सोना 3,327 रूपए तो चांदी 13,968 रूप्ए महंगी हुई है। उन्होंने बताया कि ईरान में अस्थिर होते हालात, भू राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक सोना चांदी को ही सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ बाजार में चांदी व सोने के प्रामाणिक भाव आप प्रतिदिन पोर्टल पर लगे केएसएस ज्वैलर्स के बैनर में देख सकते है। केएसएस ज्वैलर्स का बैनर प्रतिदिन नए ताजा भाव के साथ अपडेट होता है। पुरानी घास मंडी में पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित केएसएस ज्वैलर्स में सोमवार को 10 ग्राम बिठूर सोना के भाव 1,43,500 रूपए और 22 कैरेट सोना 1,31,500 के भाव रहा। वहीं एक किलो चांदी 2,60,800 के भाव रही। बैनर में प्रतिदिन 20 कैरेट व 18 कैरेट सोने के भाव भी पाठक जान सकते है।

ठंडी हवा का दौर और शीतलहर का अलर्ट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रदेश में सोमवार को चूरू सबसे ठंडा और श्रीगंगानगर दूसरे स्थान पर ठंडा रहा। निकटवर्ती फतेहपुर में तापमान -0.4 डिग्री और लूणकरणसर में तापमान 0.4 डिग्री रहा। श्रीडूंगरगढ़ इलाके में भी कड़ाके की ठंड ने सामान्य जन जीवन को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। विशेषज्ञ गर्म तासीर की चीजें खाने व सिर ढक कर रखने की सलाह देते हुए बच्चों व बुजुर्गों को सर्दी से बचाव करने की बात कह रहें है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहने के साथ ही शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। चूरू, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, झुझुनूं, अलवर, भरतपुर, जयपुर ओर धौलपुर में शीतलहर चलने का अनुमान जातया है। विभाग ने मकर संक्रांति के बाद सर्दी का असर कम होने की बात कही है।

अब पांचवीं कक्षा में बच्चे फेल भी होंगे।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रदेश में अब 5वीं में फेल बच्चे प्रमोट नहीं किए जा सकेंगे। फेल बच्चों के दो महीने में फिर से परीक्षा होगी। उसमें भी पास नहीं होने की स्थिति में फिर से 5वीं में पढ़ाई करनी पड़ेगी। आरटीई में चयनित फेल बच्चों को प्राइवेट स्कूल बाहर नहीं निकाल सकेंगे। बच्चा उसी स्कूल में पढ़ता है तो फीस सरकार ही वहन करेगी। राज्य सरकार इसके लिए आरटीई नियमों में बड़ा संशोधन करने जा रही है। शिक्षा विभाग ने संबंधित संशोधन की पत्रावली विधि विभाग में वेट के लिए भेज दी है। मंजूरी आते ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। यह व्यवस्था अगले सत्र वर्ष 2026-27 से लागू होगी। शिक्षा विभाग का कहना है कि राजस्थान शिक्षा बोर्ड से संबंद्ध सरकार एवं प्राइवेट स्कूलों में पिछले साल करीब 15 लाख बच्चों ने 5वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी। इसमें सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। लेकिन, अब आने वाले सत्र में ऐसा नहीं होगा। क्योंकि, केंद्र सरकार ने नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म कर दिया है। राज्य में नियमों को बदलने के लिए मंत्री मदन दिलावर के स्तर पर अनुमोदन किया जा चुका है। गौरतलब है कि 16 से अधिक राज्यों में इसे पहले ही संशोधित किया जा सकता है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे बच्चों के सीखने का स्तर गिर रहा है। बच्चे पढ़ाई को लेकर लापरवाह हो गए हैं। क्योंकि, उनको फेल होने का डर ही नहीं रहता है।