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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 अगस्त 2024। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करना नहीं है, बल्कि अच्छे संस्कारों को आत्मसात करना है। ये बात ज्ञान ज्योति गुरुकूल रेवला धाम के संस्थापक स्वामी गणेशानंद जी सरस्वती ने आड़सर बास में स्थित दयानंद विद्या निकेतन में छात्रों व शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहें। स्वामीजी ने विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, सत्यनिष्ठा और मेहनत का विशेष महत्व बताते हुए कहा कि ईमानदारी और कठिन परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। इस दौरान विश्व प्रसिद्ध योग शिक्षक स्वामी राजनाथ लेघा ने योग और ध्यान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को नियमित योगाभ्यास करने के लाभ बताते हुए कहा कि योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है बल्कि यह मानसिक शांति और एकाग्रता को भी बढ़ाता है। योग से जीवन में अनुशासन और सकारात्मकता आती है। उन्होनें योग के कुछ सरल अभ्यास भी छात्रों को सिखाए और उन्हें प्रतिदिन योग करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के दौरान स्कूल के निदेशक सुभाषचन्द्र शास्त्री ने आज के युग में विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। स्कूल के प्राचार्य विनोद कुमार बेनीवाल ने सभी का आभार जताया।