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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 नवंबर 2024। कल कार्तिक माह की अष्टमी को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। गौरव पथ स्थित गोपाल गौशाला के आगे प्रति वर्ष की भांति मेला भरेगा व गौशाला प्रांगण में दोपहर 2 बजे से भव्य सांस्कृतिक आयोजन होगा। दिन भर गौशाला प्रांगण में कृष्ण पूजन व गौपूजन के कार्यक्रम होंगे। वहीं सरदारशहर रोड पर ओसिया माता विद्यालय मंदिर के पीछे स्थित श्रीपरमार्थ बाल गौशाला प्रांगण में भी सुबह 8 बजे से श्रीकृष्ण पूजन, सुबह 9 बजे गौपूजन व 10 बजे उद्बोधन कार्यक्रम संपन्न होगा। गांव कोटासर की श्रीकरणी गौशाला में कल सुबह 9 बजे स्वामी सत्यानंद गिरीजी महाराज के सान्निध्य में गोपाष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। यहां हवन अनुष्ठान, गौपूजन, दिव्य गौसत्संग महिमा प्रवचन, गौसेवकों एवं अतिथियों सहित दानदाताओं का सम्मान किया गया जाएगा। इस अवसर पर 11मण मीठी लापसी का विशाल भंडारे का भोग गौवंश को लगाया जाएगा।

कैसे करें गौपूजन.?

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंडित गोपाल शास्त्री ने बताया कि गाय के शरीर में देवी देवताओं का वास माना जाता है और गोपाष्टमी पर्व पर गौपूजन का विशेष महत्व है। इस दिन बछड़े सहित गाय का पूजन किया जाता है। सुबह जल्दी उठकर गोपालक गाय व बछड़े को नहलाकर मेहंदी लगाकर, रोली हल्दी के छाप लगाते है। गाय को फुलमाला, वस्त्र पहनाएं और रोली चंदन का तिलक लगाकर सींगो पर चुनरी बांध देते है व गाय के पैरों में घुंघरू बांधते है। वहीं जिनके घरों में गाय नहीं है वे गौशालाओं में जाकर गौपूजन करते है। दीपक जलाकर गाय के चरण स्पर्श किए जाते है। गाय की परिक्रमा कर घर परिवार में सुख शांति की कामनाएं की जाती है। गाय को गुड़, हरा चारा खिलाते है व गौशाला की भोजनशाला व गौवंश के लिए दान दिया जाता है। कहीं कहीं ग्वालों को भी वस्त्र आदि भेंट दिए जाते है।