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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 13 अगस्त 2020। बीकानेर जिले में श्रीडूंगरगढ उपखंड क्षेत्र के दो प्रसिद्ध मेले पूनरासर बालाजी मेला व तोलियासर भैरव मेले पर जिला मजिस्ट्रेट ने रोक लगा दी है। जिला मजिस्ट्रेट नमित मेहता ने आदेश जारी कर दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण को मद्देनजर नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं लोक परिशांति बनाये रखने की दृष्टि से बीकानेर जिले में माह अगस्त एवं सितम्बर, 2020 में आयोजित होने वाले विभिन्न धर्मो के समस्त धार्मिक मेलों/धार्मिक आयोजनों/जुलुस एवं श्रद्धालुओं के पैदल/वाहनों के माध्यम से विभिन्न मेलों में आवागमन पर तुरंत प्रभाव से प्रतिबंध लगाया है। जिला मजिस्ट्रेट मेहता ने आदेश में बताया कि जिले में माह अगस्त एवं सितम्बर, 2020 में विभिन्न धार्मिक मेले यथा श्री गणेश मेला, श्री पूनरासर हनुमानजी मेला, श्री रामदेवजी मेला, श्री सियाणा भैरव मेला, श्री कोडमदेसर भैरव मेला, श्री शीशा भैरव मेला, श्री तोलियासर भैरव मेला, श्री नखत बन्ना मेला, पर्यूषण पर्व व मोहर्रम के अवसर पर आयोजित होने वाले सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम एवं जुलुसों, जेठा भुट्टा पीर मेला एवं इसके अलावा भी विभिन्न धर्मो के मेलो का आयोजन होता है जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु पैदल एवं वाहनो द्वारा भाग लेते है। उन्होंने बताया कि गृह विभाग राजस्थान, जयपुर द्वारा जारी गाईडलाईन के अनुसार सभी सामाजिक/ राजनैतिक/खेल/ मनोरंजन/अकादमिक/ सांस्कृतिक/धार्मिक कार्यक्रम तथा अन्य सभाएं एवं बड़े सामूहिक आयोजन पर प्रतिबंधित किये गये है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण बढ़ रहा है तथा मेलों के आयोजन एवं श्रद्धालुओं के भारी संख्या में एकत्रित होने से कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने एवं जिले में निवासरत नागरिको के स्वास्थ्य की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने कहा कि उक्त आदेश की अवहेलना करने पर संबधित व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188, 269, 270 एवं राजस्थान महामारी अध्यादेश, 2020, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 एवं अन्य सुसंगत विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत अभियोजन चलाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह आदेश आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।