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October 16, 2026
ram
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 फरवरी 2020। राम मंदिर फैसले के बाद से ही देशवासियों को संसद में राम मदिंर के लिए केन्द्र सरकार द्वारा ट्रस्ट के गठन का इंतजार था। इस इंतजार का समापन हुआ है बुधवार को, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में राम मंदिर का निर्माण करने वाले ट्रस्ट का ऐलान कर दिया। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद लोकसभा में पीएम मोदी ने बताया कि राम मंदिर का निर्माण करने वाले ट्रस्ट का नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। यह पूरी तरह से मंदिर निर्माण कार्य के लिए स्वतंत्र होगा। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के लिए पांच एकड़ जमीन को भी राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। संसद सत्र के पांचवें दिन बुधवार को पीएम मोदी ने कहा,’आज मैं बहुत ही अहम मुद्दे पर एक जानकारी देने के लिए उपस्थित हुआ हूं। यह विषय करोड़ों देशवासियों की तरह मेरे हृदय के लिए भी करीब है। यह विषय श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ा हुआ है।  पीएम मोदी ने कहा, ‘9 नवंबर 2019 को मैं करतापुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन हेतू पंजाब में था। उस दिन दिव्य वातावरण में मुझे देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा राम जन्मभूमि को लेकर फैसले के बारे में पता चला था। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि इस पर राम लला का ही हक है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि केंद्र और राज्य सरकार आपस में परामर्श कर सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन आवंटित करे।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आज मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज सुबह हुई कैबिनेट की बैठक में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मेरी सरकार ने कोर्ट के आदेशानुसार, श्रीरामजन्मस्थली पर भगवान राम के मंदिर के निर्माण के लिए एक वृहत योजना तैयार की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, भगवान राम के मंदिर ट्रस्ट का नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र होगा। यह ट्रस्ट मंदिर निर्माण पर फैसले लेने के लिए पूर्ण तौर पर स्वतंत्र होगा। लोकसभा में प्रधानमंत्री की इस घोषणा के बाद देशभर में उत्साह का माहौल है एवं अब रामभक्तों द्वारा शिघ्रताशिघ्र राम मंदिर निर्माण की उम्मीद की जा रही है।