Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 जुलाई 2026। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पानी की कमी की स्थिति का भयावह रूप सामने आने लगा है। क्षेत्र के गांव धर्मास में तीन माह से ग्रामीण पेयजल के लिए व्याकुल है। हर घर पानी की स्पलाई देखने के लिए तरस गया है। ग्रामीणों ने कहा कि पानी नलों में नहीं अब तो आंखो में तैर रहा है।
गांव के राउमावि में आस पास के आधा दर्जन से अधिक गांवो के बच्चे पढ़ रहें है और स्कूल में एक बूंद पानी नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि तीन महीने से गांव के दोनों कुंए खराब है और ग्रामीण टैंकरों से आपूर्ति कर आर्थिक बोझ से परेशान हो गए है। गरीब परिवारों के हालात विकट है और गुरूवार सुबह परेशान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आगामी 4 जुन को आयोजित होने वाले शिविर का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। गांव की गुवाड़ में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और बिना पानी प्रशासन को गांव में प्रवेश नहीं की चेतावनी दी। बुजुर्गों ने आंखो में पानी भर कहा कि वे पानी के लिए अब जेल जाने को तैयार है परंतु शिविर में अफसरों को गांव में नहीं घुसने देंगे। गांव के तोलाराम जाखड़, मदन सिंह, माल सिंह, हड़माना राम, पप्पू सिंह, भेराराम, पर्वत सिंह, दीपेंद्र सिंह, पीथाराम मेघवाल, श्रवणराम जाखड़, डूंगरराम जाखड़, हरिराम जाखड़, पाबू सिंह, हेमाराम जाखड़, रामनिवास नाई, भगवानाराम मेघवाल, भूराराम मेघवाल सहित अनेक युवाओं ने जमकर आक्रोश जताया।
नई मोटरें आखिर जाती कहां है.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। टाइम्स व्यू है कि हर गांव से पुरानी मोटर डालने और उसके 24 घंटे भी नहीं चलने की शिकायत सामने आ रही है। वहीं जागरूक लोग लगातार आवाज उठा रहें है कि आखिर नई मोटरें जाती कहां है। विभाग जो भी मोटर खरीद करता है वह नई मोटर नजर नहीं आती। अनेक युवा भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच की मांग भी कर रहें है।