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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 मार्च 2025। होलिका दहन व धुलंडी पर विशेष आलेख पढें पंडित विष्णुदत्त शास्त्री के साथ, और जाने अनेक शास्त्रीय विधान:- ज्योतिष शास्त्र में शिवरात्रि, होली, दीपावली, जन्माष्टमी आदि का बहुत महत्व है । होली का पर्व साल में एक बार ही आता है मान्यता है कि इस दिन किये गए उपाय शीघ्र ही फल देते है।
यहां पर हम आपको होली के अचूक उपाय टोटके बता रहें है जिनको करके आप अपने जीवन की सभी परेशानियों को दूर करते हुए जीवन को धन, हर्ष और ऐश्वर्य से भर सकते है।
जानिए होली के दिन क्या उपाय करें.?

होलिका दहन में घर के सभी सदस्यों को अवश्य ही शामिल होना चाहिए । अग्नि की तीन / सात परिक्रमा करें। इससे घर में शुभता आती है।
प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह होलिका में थोड़ा थोड़ा कपूर भी अवश्य ही डालें जिससे वातावरण से वायरस कम हो सके, मान्यता है कि होली में कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, नज़र दोष भी दूर होता है ।

होलिका दहन के दिन घर के मुखिया को होलिका में घी में भिगोई हुई दो लौंग, एक बताशा और एक पान का पत्ता भी अवश्य चढ़ाना चाहिए। तत्पश्चात होली की 3 परिक्रमा करते हुए होली में सूखे नारियल की आहुति देनी चाहिए। इससे ना केवल सभी कष्ट दूर होते हैं वरन घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती है। होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी भस्म जरूर लाएं, उसका टीका किसी महत्वपूर्ण कार्य में जाते हुए पुरुष अपने मस्तक पर और स्त्री अपने गर्दन में लगाएं, कार्यों में सफलता मिलेगी और धन संपत्ति में भी वृद्धि होगी। होलिका दहन के बाद इसकी राख को घर के चारो तरफ और दरवाजे पर छिड़कने से घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं हो पाता है। होलिका दहन के बाद अगली सुबह यानि की होली के रंग खेलने के दिन उसकी राख से माथे पर टीका जरूर लगाना चाहिए इससे देवता प्रसन्न होते हैं, जीवन की समस्त प्रकार की अड़चने दूर होती है। अगर जीवन में आर्थिक संकट लगा रहता है तो होलिका दहन के समय धन प्राप्ति की कामना करते हुए जलती हुई अग्नि में सफेद रंग की मिठाई चढ़ा दें। होली पर रंग सभी व्यक्तियों को जरूर ही खेलना चाहिए, इससे घर परिवार में प्रेम, सौहार्द्य और सुख का वास होता है । होली पर सबसे पहले ईश्वर को और फिर घर के बड़े बुजुर्गों को रंग लगाकर उनसे आशीर्वाद लेकर ही रंग खेलना शुरू करना चाहिए।

होलिका दहन:- रात्रि 11:28 उपरान्त

छारंडी वसन्तोत्सव

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। होली पर रंग सभी व्यक्तियों को जरूर ही खेलना चाहिए, इससे घर परिवार में प्रेम, सौहार्द्य और सुख का वास होता है । होली पर सबसे पहले ईश्वर को और फिर घर के बड़े बुजुर्गों को रंग लगाकर उनसे आशीर्वाद लेकर ही रंग खेलना शुरू करना चाहिए। होली में आपस में वैर भाव मिटा कर खुद पहल करके दुश्मनो से भी रंग खेलकर सभी से साफ मन से गले मिलना चाहिए । मान्यता है कि इस दिन पहल करके शत्रुता भुलाने से वर्ष भर आप के शत्रु आपसे पराजित होते रहेंगे। होली पर अपने घर में आने वाले सभी मेहमानो को कुछ ना कुछ अवश्य ही खिला कर वापस भेजें, इससे भाग्य प्रबल होता है एवं घर में स्थाई लक्ष्मी का वास होता है ।

राशिनुसार खेलें होली
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। होली हर्ष, उल्लास, जोश, रंगों, उमंगों और मौज मस्ती का पर्व है। पुराणों में होली के बारे में लिखा है कि हर मनुष्य को अपने पूरे हर्ष, उल्लास के साथ होली के पर्व को मनाना चाहिए, इससे जीवन में सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 

मान्यता है कि सभी राशियों पर अलग अलग रंगो का प्रभाव होता है, और अगर आप अपने भाग्यशाली रंग से होली खेलें तो फिर आपका भाग्य आप पर अवश्य ही प्रसन्न रहेगा । यहाँ पर हम प्रत्येक राशि के अनुसार उनके भाग्यशाली रंग बता रहे है जिनसे उन राशि के जातकों को होली खेलनी चाहिए :–
मेष राशि :-मेष राशि का स्वामी मंगल है और यह अग्नि तत्व की राशि है, मेष राशि के “जातकों के लिए लाल और पीला रंग उत्तम है।
लाल रंग प्रेम और सच्चाई का तथा पीला रंग अपनेपन और सहनशीलता का प्रतीक है ।
इन दोनों रंगो के संयोग से इनके जीवन में प्रेम और सकारात्मक ऊर्जा का निरन्तर प्रवाह बना रहेगा।
वृषभ राशि :- वृष राशि का स्वामी शुक्र है और यह पृथ्वी तत्व की राशि है । 

वृष राशि के जातक सफ़ेद कपडे पहन कर बैंगनी और नारंगी रंगो से होली खेलें यह उनके लिए सुख और सौभाग्य लाएगा। इन रंगो से आपका मन भी प्रफुल्लित रहेगा।

यह लोग अपने प्रियजनों के शरीर पर बैंगनी रंग तथा चेहरे पर नारंगी रंग लगाएं। इस राशि के जातक होली खेलते समय गहरे रंगों वाले कपड़े नहीं पहनें।

लेकिन अगर इन्हे सफ़ेद कपड़े पसंद नहीं है और यह होली के समय रंगीन वस्त्र पहनना चाहते हैं तो यह नारंगी या बैंगनी रंग के वस्त्र पहने ।
वृष राशि के जातक यथासंभव काले अथवा हरे रंग से होली न खेलें।

मिथुन राशि :- मिथुन राशि का स्वामी बुध है और यह वायु तत्व की राशि है । बुध का हरे रंग का प्रतीक है अत: मिथुन राशि के जातक होली हरे रंग से खेले या रंग इनके लिए बहुत शुभ रंग रहेगा ।

इस रंग से होली खेलने से ना केवल इनका मान सम्मान बढ़ेगा वरन इनके सम्बन्धो में भी प्रगाढ़ता आएगी । इस राशि के जातक हरे रंगो के अतिरिक्त बैंगनी रंग से भी होली खेल सकते हैं।

इन दोनों रंगो के संयोग से इन्हे जीवन में बहुत आसानी से सुख, शांति, प्रेम और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी ।

इस राशि के लोग सबसे पहले अपने ईष्ट, प्रियजनों के माथे पर रंग लगाकर ही होली खेलने की शुरुआत करें ।

कर्क राशि :- कर्क राशि का स्वामी चन्द्र है और यह जल तत्व की राशि है । कर्क राशि वाले व्यक्ति बहुत ही कल्पनाशील होते हैं और समान्यता: रंगों का पर्व होली इनका पसंदीदा त्योहार होता है। यह होली के रंग और अच्छे-अच्छे पकवान दोनों के ही शौक़ीन होते हैं।

चूँकि चन्द्रमा सफ़ेद रंग का प्रतीक है इसीलिए सफेद रंग के वस्त्र पहनकर होली खेलना इनके लिए शुभ होगा। यह इनको हर्ष, शांति और दिल से सकून प्रदान करेगा ।

कर्क राशि के जातक नीले और हरा रंग से होली खेले । यह लोग पीले रंग से भी होली खेल सकते है। इससे इन्हे धन, यश और वैभव की प्राप्ति होगी।

लेकिन लाल और नारंगी रंग से परहेज करें। यह रंग आपको गुस्से में उत्तेजित कर सकते हैं।

सिंह राशि :- सिंह राशि का स्वामी सूर्य है और यह अग्नि तत्व की राशि है । सिंह राशि के लोग बहुत ही जिंदादिल होते है और यह सभी जगह अपने लिए बड़ी ही आसानी से महत्वपूर्ण स्थान बना लेते है । यह लोग गोल्डन पीले, लाल और नारंगी रंग से होली खेले । इससे ना केवल यह खुद ऊर्जावान रहेंगे वरन इनके सम्पर्क में आने वाले लोग भी उत्साह से ओत प्रोत रहेंगे। सिंह राशि के जातक सुबह भगवान सूर्य को प्रणाम करके ही होली खेलने की शुरुआत करें तो इनके जीवन में धन धान्य की कोई भी कमी नहीं रहेगी । इस राशि के जातक होली के लिए किसी के आने इन्तज़ार न करें वरन खुद घर से निकल कर लोगो को अपने रंगो से रंगना शुरू करें । यह लोग अपने प्रियजन के चेहरे पर लाल, पीला अथवा गोल्डन रंग लगाएं और किसी को भी रंग लगाने से मना नहीं करें। इनकी यही खूबी तो इनके परिचितों से इनकी नजदीकियां बढ़ाती है।

कन्या राशि :- कन्या राशि का स्वामी बुध है और यह पृथ्वी तत्व की राशि है। कन्या राशि के लोग हरे, भूरे अथवा नारंगी रंगो से होली खेले तो उनके लिए शुभ होगा । इन रंगो से होली खेलने से इनके जीवन के आर्थिक संकट दूर होते है ।
होली के अवसर पर यह अपने मन में किसी के लिए भी कटुता ना रखे इससे इनके सम्बन्ध घनिष्ठ होंगे इन्हे धन और यश की भी प्राप्ति होगी ।
कर्क राशि :- के जातक होली में किसी का भी दिल कदापि ना दुखाएं ।
कर्क राशि के लोग होली खेलते समय सामने वाले के सिर और माथे पर हरे, नारंगी रंग को लगाकर होली खेलना शुरू करें और गीले रंग में भूरे और बैंगनी रंग का प्रयोग करें। यह दोनों रंग भी कन्या राशि के लोगो के शुभ माने गए हैं।

तुला राशि :- तुला राशि का स्वामी शुक्र है और यह वायु तत्व की राशि है। यह सफेद और हलके गुलाबी रंग के वस्त्र पहनकर होली खेलें तो यह इनके लिए उत्तम रहेगा । तुला राशि के जातको को नीले, केसरिया अथवा गुलाबी रंगो से होली खेलना शुभ रहेगा । इससे यह ना केवल दूसरों के ह्रदय में अपना अलग स्थान ही बना पाएंगे वरन इनको धन की भी कोई कमी नहीं रहेगी । यह अपने प्रियजनों को बहुत प्रेम और साफ मन से खूब जी भरकर रंग लगाएं ।

वृश्चिक राशि :- वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है और यह जल तत्व की राशि है। इसी लिए इनके लिए लाल,मैरून और पीला रंग उत्तम है। इस राशि के जातको को होली विशेष रूप से पसंद होती है । लाल और मैरून रंग के प्रयोग से इनके जीवन के सभी आर्थिक संकट दूर रहते है । होली के अवसर पर यह अपने उच्चाधिकारियों से भी आसानी से नजदीकियां बढ़ा सकते हैं। विपरीत लिंग वाले जातक भी इनकी ओर आसानी से आकर्षित होंगे । यह अपने प्रियजनों के चेहरे पर लाल और पीला गुलाल लगाकर शरीर के अन्य अंगो पर लाल और मैरून रंग लगाएं। इन्हे नजदीकियाँ बढ़ाने के लिए होली के पर्व का अवश्य ही लाभ उठाना चहिये।

धनु राशि :- धनु राशि का स्वामी गुरु है और यह अग्नि तत्व की राशि है। इसी कारण इस राशि के जातको के लिए लाल रंग एवं पीला रंग सर्वोत्तम है। होली में यह दोनों रंग ऊर्जा और प्रसन्नता को बढ़ाएंगे । पीला रंग देवताओं का भी प्रिय रंग है। इस रंग के प्रभाव से जातक को गुरु ग्रह से संबंधित कोई भी परेशानियां नहीं होती है । आप लोग अपने किसी भी प्रियजन के साथ होली ना खेलकर उन्हें निराश बिलकुल भी ना करें । धनु राशि के जातक होली के अवसर पर अपने प्रियजन से प्यार का इजहार भी कर सकते हैं। यह लोग अपने संबधो में मजबूती लाने के लिए अपने प्रियजनों के गालों पर पीला, लाल रंग लगाएं। ध्यान रहे कि आप लोग किसी भी प्रकार के घातक रासायनिक रंगो का कतई प्रयोग ना करें ।

मकर राशि :- मकर राशि का स्वामी शनि है और यह पृथ्वी तत्व की राशि है। मकर राशि के जातको को होली खेलना कोई विशेष नहीं भाता है लेकिन होली खेलना इनके लिए बहुत ही शुभ रहता है अत: इन्हे भी होली अवश्य ही खेलनी चाहिए । होली पर नीले अथवा काले रंग से होली खेलने से आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में आसानी रहेगी, क्योंकि इन रंगो के प्रभाव से आप परिश्रमी और लक्ष्य के प्रति समर्पित होंगे । आपकी राशि के लिए लाल, भूरा और बैंगनी रंग भी उत्तम है। चूँकि आप गहरे रंगो का प्रयोग कर रहे है इसलिए यह ध्यान अवश्य ही दीजिये कि यह रंग हानिकारक बिलकुल भी ना हो ।

कुम्भ राशि :- कुम्भ राशि का स्वामी भी शनि देव है और यह वायु तत्व की राशि है। शनि के शुभ प्रभाव को बनाए रखने के लिए काला, बैगनी अथवा लाल रंग का प्रयोग करना आपके लिए अच्छा होगा। इसके अलावा आप गुलाबी रंग भी इस्तेमाल कर सकते हैं। काला रंग परिश्रम, बैंगनी ऐश्वर्य, लाल प्रेम और गुलाबी सुख का प्रतीक माना जाता है । इन रंगों के शुभ प्रभाव से आप हर परिस्थितियों को अपने पक्ष में करने में आप सफल होंगे। आप में सभी को अपना बनाने की नैसर्गिक क्षमता है इसलिए आपको होली पूरे उत्साह से खेलकर इस अवसर का लाभ अवश्य ही उठाना चाहिए । इस राशि के जातको को काले कुत्तों की सेवा भी अवश्य ही करनी चाहिए ।

मीन राशि :- मीन राशि का स्वामी गुरु है और यह जल तत्व की राशि है। पीला रंग गुरु का रंग होने के कारण इस रंग से होली खेलना आपके लिए शुभ होगा। आप भगवान शिव के शिवलिंग पर पीला रंग चढ़ाकर होली खेलने की शुरुआत करें । साथ ही हरा और गुलाबी रंग भी आपके लिए शुभ रहेगा । इन रंगो से होली खेलने से आपको धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी । आपकी सौम्यता की वजह से आपके परिचित भी आपसे होली खेलने को लालायित रहते है । आप होली में किसी को भी निराश ना करें वरन बड़ चढ़ कर इस खुशियों के पर्व को अवश्य ही मनाएं ।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री