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October 16, 2026
3-nov
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 नवंबर 2024। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 03 – Nov – 2024
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि द्वितीया 10:07 PM
🔅 नक्षत्र अनुराधा पूर्ण रात्रि
🔅 करण :
बालव 09:18 AM
कौलव 09:18 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग सौभाग्य 11:38 AM
🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:46 AM
🔅 चन्द्रोदय 08:18 AM
🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 05:47 PM
🔅 चन्द्रास्त 06:45 PM
🔅 ऋतु हेमंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1946 क्रोधी
🔅 कलि सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:00 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2081
🔅 मास अमांत कार्तिक
🔅 मास पूर्णिमांत कार्तिक

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:55:21 – 12:39:24
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 04:19 PM – 05:03 PM
🔅 कंटक 10:27 AM – 11:11 AM
🔅 यमघण्ट 01:23 PM – 02:07 PM
🔅 राहु काल 04:25 PM – 05:47 PM
🔅 कुलिक 04:19 PM – 05:03 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 11:55 AM – 12:39 PM
🔅 यमगण्ड 12:17 PM – 01:39 PM
🔅 गुलिक काल 03:02 PM – 04:25 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅उद्वेग 06:46:59 – 08:09:35
🔅चल 08:09:35 – 09:32:11
🔅लाभ 09:32:11 – 10:54:47
🔅अमृत 10:54:47 – 12:17:22
🔅काल 12:17:22 – 13:39:58
🔅शुभ 13:39:58 – 15:02:34
🔅रोग 15:02:34 – 16:25:10
🔅उद्वेग 16:25:10 – 17:47:45
🔅शुभ 17:47:45 – 19:25:15
🔅अमृत 19:25:15 – 21:02:45
🔅चल 21:02:45 – 22:40:14
🔅रोग 22:40:14 – 24:17:44
🔅काल 24:17:44 – 25:55:14
🔅लाभ 25:55:14 – 27:32:43
🔅उद्वेग 27:32:43 – 29:10:13
🔅शुभ 29:10:13 – 30:47:42

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 तुला चर
शुरू: 05:31 AM समाप्त: 07:51 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 07:51 AM समाप्त: 10:09 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:09 AM समाप्त: 12:14 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 12:14 PM समाप्त: 01:57 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 01:57 PM समाप्त: 03:25 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:25 PM समाप्त: 04:51 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 04:51 PM समाप्त: 06:27 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:27 PM समाप्त: 08:23 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:23 PM समाप्त: 10:38 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 10:38 PM समाप्त: अगले दिन 00:58 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 00:58 AM समाप्त: अगले दिन 03:15 AM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:15 AM समाप्त: अगले दिन 05:31 AM

☘️ गोवर्धन पूजा के अगले दिन भाई दूज या यम द्वितीया मनाई जाती है । भाई दूज पांच दिवसीय दीपावली के पर्वो में अंतिम पर्व होता है। इस दिन बहने अपने भाइयो के माथे पर शुभ मुहूर्त में तिलक लगाकर उनके सुख – सौभाग्य और दीर्घ आयु की कामना करती है ।

☘️ इस दिन प्रत्येक पुरुष को अपनी बहिन के घर भोजन करना चाहिए, अगर सगी बहन न हो तो रिश्ते की किसी भी बहन के यहाँ भोजन करना चाहिए ।

☘️ इस दिन प्रत्येक व्यक्ति यदि विवाहित है तो अपनी पत्नी सहित अपने बहन के यहाँ जाये प्रेम से भोजन करें उसके बाद यथाशक्ति अपनी बहन को भेंट दें और तिलक कराएँ तो उसके सौभाग्य में वृद्धि होती है।

☘️ स्वयं यमराज ने कहा है की “जो व्यक्ति आज के दिन यमुना में स्नान करके बहन के घर पूर्ण श्रद्धा से अपने तिलक करवाएंगे अपनी बहन को पूर्णतया संतुष्ट करेंगे उसके हाथ से बनाया भोजन प्रेम पूर्वक करेंगे वे कभी भी अकाल मर्त्यु को प्राप्त करके मेरे दरवाजे को नहीं देखेंगे ।”
सनतकुमार संहिता में कहा गया है की जो स्त्री कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीयाको अपने भाई को आदरपूर्वक बुलाकर माथे पर तिलक लगाकर, सुरुचि पूर्वक भोजन कराती है तथा भोजन के बाद उसे पान खिलाती है वह सदा सुहागन रहती है, साथ ही ऐसी बहन के भाई को भी दीर्घ आयु की प्रप्ति होती है।

☘️ लिंग पुराण में वर्णित है की जो कन्या / स्त्री इस दिन अपने भाई का पूजन करके उसको तिलक नहीं लगाती है उसका सम्मान नहीं करती है वह सात जन्म तक बिना भाई के ही रहती है ।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026