Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
20-aug
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2025।🚩श्री गणेशाय नम:🚩 शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 20-Aug-2025
☀ Sri Dungargarh, India

🔅 तिथि द्वादशी 02:00 PM
🔅 नक्षत्र पुनर्वसु 00:27 AM
🔅 करण तैतिल, गर 02:00 PM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग सिद्धि 06:13 PM
🔅 वार बुधवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:06 AM
🔅 चन्द्रोदय 03:49 AM
🔅 चन्द्र राशि 06:36 PM
🔅 चन्द्र वास पश्चिम
🔅 सूर्यास्त 07:08 PM
🔅 चन्द्रास्त 05:19 PM
🔅 ऋतु वर्षा
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 13:02:12
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत श्रावण
🔅 मास पूर्णिमांत भाद्रपद
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:11 PM 01:03 PM
🔅 कंटक 05:24 PM 06:16 PM
🔅 यमघण्ट 08:42 AM 09:34 AM
🔅 राहु काल 12:37 PM 02:14 PM
🔅 कुलिक 12:11 PM 01:03 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 06:58 AM 07:50 AM
🔅 यमगण्ड 07:43 AM 09:21 AM
🔅 गुलिक काल 10:59 AM 12:37 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

📜 चोघडिया 📜

🔅 लाभ 06:06 AM – 07:44 AM
🔅 अमृत 07:44 AM – 09:22 AM
🔅 काल 09:22 AM – 10:59 AM
🔅 शुभ 10:59 AM – 12:37 PM
🔅 रोग 12:37 PM – 02:15 PM
🔅 उद्वेग 02:15 PM – 03:52 PM
🔅 चल 03:52 PM – 05:30 PM
🔅 लाभ 05:30 PM – 07:08 PM
🔅 उद्वेग 07:08 PM – 08:30 PM
🔅 शुभ 08:30 PM – 09:52 PM
🔅 अमृत 09:52 PM – 11:15 PM
🔅 चल 11:15 PM – 00:37 AM
🔅 रोग 00:37 AM – 01:59 AM
🔅 काल 01:59 AM – 03:22 AM
🔅 लाभ 03:22 AM – 04:44 AM
🔅 उद्वेग 04:44 AM – 06:06 AM

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺

बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।

🌼 अजा एकादशी व्रत पारण
प्रदोष व्रत
गौ वत्स पूजा , बच्छ बारस

बछ बारस 2025: व्रत का महत्व और पूजा विधि:-
बछ बारस 2025 व्रत भाद्रपद कृष्ण द्वादशी को मनाया जाता है जो कि आज बुधवार को है। यह पर्व मुख्य रूप से गौ माता और उनके बछड़े की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को गाय और बछड़ों से विशेष प्रेम था, इसलिए यह व्रत उनका स्मरण करते हुए किया जाता है। महिलाएं इस दिन अपने बच्चों की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
पूजा विधि:- प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। गौ माता और बछड़े की विधि-विधान से पूजा करें। घर में मिट्टी या गोबर से बनी बावड़ी (छोटी तलैया) बनाकर उसमें कच्चा दूध और पानी डालें। पूजा के समय दीपक जलाएं, मौली, रोली और फूल अर्पित करें। बछ बारस व्रत कथा सुनें और भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करें। अंत में गाय को हरा चारा खिलाएं और उनकी सेवा करें।
व्रत के नियम और विशेष बातें
इस दिन गेहूं से बनी वस्तुओं का सेवन वर्जित होता है। घर में बाजरे की रोटी और अंकुरित अनाज की सब्जी का सेवन करना शुभ माना जाता है। यदि गाय और बछड़े की पूजा करना संभव न हो, तो मिट्टी या चित्र के रूप में उनकी पूजा करें।
बछ बारस व्रत का महत्व
बछ बारस व्रत रखने से संतान की लंबी आयु, परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में शांति आती है। गौ माता और बछड़े की पूजा करने से सभी पापों का क्षय होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026