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October 17, 2026
29-march
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 मार्च 2026। पढें आज का पंचांग।

🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 29 – Mar – 2026
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि एकादशी 07:48 AM
🔅 नक्षत्र आश्लेषा 02:38 PM
🔅 करण :
विष्टि 07:48 AM
बव 07:48 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग धृति 06:18 PM
🔅 वार रविवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:28 AM
🔅 चन्द्रोदय 03:24 PM
🔅 चन्द्र राशि कर्क
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 06:49 PM
🔅 चन्द्रास्त +04:44 AM
🔅 ऋतु वसंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 कलि सम्वत 5127
🔅 दिन काल 12:21 PM
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत चैत्र
🔅 मास पूर्णिमांत चैत्र

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:14:25 – 13:03:50
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 05:11 PM – 06:00 PM
🔅 कंटक 10:35 AM – 11:24 AM
🔅 यमघण्ट 01:53 PM – 02:42 PM
🔅 राहु काल 05:17 PM – 06:49 PM
🔅 कुलिक 05:11 PM – 06:00 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 12:14 PM – 01:03 PM
🔅 यमगण्ड 12:39 PM – 02:11 PM
🔅 गुलिक काल 03:44 PM – 05:17 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅उद्वेग 06:28:24 – 08:01:05
🔅चल 08:01:05 – 09:33:46
🔅लाभ 09:33:46 – 11:06:27
🔅अमृत 11:06:27 – 12:39:08
🔅काल 12:39:08 – 14:11:49
🔅शुभ 14:11:49 – 15:44:30
🔅रोग 15:44:30 – 17:17:11
🔅उद्वेग 17:17:11 – 18:49:52
🔅शुभ 18:49:52 – 20:17:02
🔅अमृत 20:17:02 – 21:44:13
🔅चल 21:44:13 – 23:11:23
🔅रोग 23:11:23 – 24:38:34
🔅काल 24:38:34 – 26:05:44
🔅लाभ 26:05:44 – 27:32:55
🔅उद्वेग 27:32:55 – 29:00:05
🔅शुभ 29:00:05 – 30:27:16

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:51 AM समाप्त: 07:16 AM

🔅 मेष चर
शुरू: 07:16 AM समाप्त: 08:52 AM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 08:52 AM समाप्त: 10:48 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:48 AM समाप्त: 01:03 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 01:03 PM समाप्त: 03:24 PM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 03:24 PM समाप्त: 05:41 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:41 PM समाप्त: 07:57 PM

🔅 तुला चर
शुरू: 07:57 PM समाप्त: 10:16 PM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:16 PM समाप्त: अगले दिन 00:35 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 00:35 AM समाप्त: अगले दिन 02:39 AM

🔅 मकर चर
शुरू: अगले दिन 02:39 AM समाप्त: अगले दिन 04:22 AM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: अगले दिन 04:22 AM समाप्त: अगले दिन 05:51 AM

🌼 कामदा एकादशी

आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी, हिन्दू नव वर्ष की पहली एकादशी, कामदा एकादशी है । इस दिन भगवान श्री विष्णु जी के उपेंद्र स्वरुप की पूजा की जाती है ।

शास्त्रों के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल मिलता है, सभी कामनाएं पूर्ण होती है, पितर तृप्त होते हैं उनका उद्दार होता है और अंत में विष्णु लोक की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों के अनुसार एकादशी तिथि भगवान श्री विष्णु जी को अति प्रिय है । एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु जी / श्री कृष्ण जी की आराधना की जाती है।

शास्त्रों के अनुसार एकादशी का ब्रत रखने वाला जातक भगवान विष्णु जी को बहुत प्रिय होता है ।

एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के मन्त्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” अथवा ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। का अधिक से अधिक जाप करना चाहिए ।

पंडित विष्णुदत्त शास्त्री