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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 मार्च 2023। आज जिले भर में खाजूवाला के चक 4 डीओएल के प्रगतिशील किसान शिवप्रकाश भादू की तीन पुत्रियों का ब्याह काफी सुर्खियां बटोर रहा है और खासी चर्चा में है। खेती में अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के उपयोग से रिश्तेदारी में चार मौतें होने से व्यथित किसान ने पांच वर्ष पूर्व जैविक खेती का रास्ता अपना लिया। शनिवार को भादू ने अपनी तीन बेटियों का विवाह हर्षोल्लास के साथ किया और मेहमानों व बारातों के लिए मिठाइयां, भोजन खेत में उत्पादित कच्चे माल से घर पर ही तैयार करवाई। विवाह में फास्ट फूड से दूरी बनाए रखी और आमजन को जैविक उत्पाद ही खाने की प्रेरणा व संदेश देने के बैनर भी लगाए गए।
नरक देखना हो तो कैंसर अस्पताल जा आए, ध्यान देवें खान पान जैविक हो।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शिवप्रकाश भादू ने टाइम्स को बताया कि व्यक्ति को इसी जीवन में नरक के देखना हो तो कैंसर अस्पताल का चक्कर लगा आए और अपने जीवन को अनमोल मान कर इसे स्वस्थ रखने के प्रयास अवश्य करें। भादू ने बताया कि मेरे ससुराल में दो वर्षों में सास-ससुर तथा दो मामा ससुर की कैंसर रोग से मौत हो गई थी। बीमारी के कारणों की पड़ताल की तो डॉक्टरों ने अनाज व सब्जी आदि के उत्पादन में अधिक मात्रा में उर्वरकों व कीटनाशकों का उपयोग होना बताया। डॉक्टरों कहा यदि संभव हो तो इनका उपयोग कम कर दे या फिर जैविक उत्पाद ही काम में लेंवे। उसके बाद मैंने 2017 से जैविक खेती को अपनाना शुरू किया। शुरू के 2 साल में उत्पादन में कमी आई। अब खेत में पैदा हुए जैविक गेहूं, मूंग की पैदावार भी अच्छी होती है और भाव भी अच्छे मिलते हैं। मौसमी सब्जियों सहित सभी प्रकार की फसलों के जैविक खाद तथा दवाइयां घर पर ही तैयार की जा रही हैं। यहीं कारण है कि तीन बेटियों की शादी में बारात के लिए मिठाई भी घर पर ही तैयार करवाई। इसके लिए अपने ही खेत में पैदा हुआ गेहूं, चने व हरी सब्जियों का उपयोग किया। यहां तक की दूध, दही, मावा, पनीर, घी, तेल तक हमारे खेत में उत्पादित ही थे। भादू के पास 40 बीघा खेती है जिसमें वे कीटनाशक का उपयोग नहीं करते और पशुओं को भी जैविक चारा खिलाकर दूध, घी का प्रयोग कर रहें है।
ये हुए शामिल, खिलाया स्वादिष्ट भोजन, पिलाया वर्षाजल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इस विवाह में श्रीडूंगरगढ़ से बजरंग भामू व विजयपाल भामू शामिल हुए। भामू भाईयों ने बताया कि मेहमानों व बारात के लिए मिठाई में घर पर ही तैयार गोंदपाक, मोती पाक, जलेबी, गुलाबजामुन रखे गए और चूल्हे का सादा फुल्का, बाजरे की रोटी, तंदूर की साधारण व मिक्स रोटी थी। सांगरी की सब्जी, हरे चने, घर पर पर तैयार पनीर, लहसुन की चटनी आदि जैविक उत्पाद से ही बनाए गए थे। फास्ट फूड से परहेज रखा गया। विवाह की तैयारी को ध्यान में रखते हुए प्रगतिशील किसान ने सब्जियों आदि का उत्पादन किया। भामू ने बताया कि भोजन में अलग और विशेष स्वाद था जो आजकल की सब्जियों में खो गया है वहीं सभी मेहमानों के पीने के लिए वर्षाजल रखा गया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रगतिशील किसान शिवप्रकाश भादू ने जैविक खाद्य सामग्री की दी प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खेत में उगाए गए अनाज से ही बनाई रोटियां।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मेहमानों व बारातों के लिए पीने के पानी वर्षा जल से भरे गए।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। फास्टफूड से दूरी रखी गई, खिलाया गया जैविक भोजन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मिठाईयां घर पर बनाई गई और सभी सामान ऑर्गेनिक ही प्रयोग में लिया गया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सब्जियों के स्वाद की सराहना की खाने वालों ने, सभी जैविक सामान से बनाया गया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शनिवार को विवाह संपन्न हुआ, जिले भर में हो रहा है चर्चित।