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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 अक्टूबर 2020।🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
* वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
* नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
* योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
* करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

🌻रविवार, 25 अक्टूबर 2020🌻

सूर्योदय: 🌄 06:47
सूर्यास्त: 🌅 17:54
चन्द्रोदय: 🌝 14:50
चन्द्रास्त: 🌜01:56
अयन 🌕 दक्षिणायने
ऋतु: ❄️ शरद
शक सम्वत: 👉 1942
विक्रम सम्वत: 👉 2077
मास 👉 आश्विन
पक्ष 👉 शुक्ल
तिथि: 👉 नवमी (07:41 तक)
नक्षत्र: 👉 धनिष्ठा (28:23 तक)
योग: 👉 गण्ड (24:29 तक)
प्रथम करण: 👉 कौलव (07:41 तक)
द्वितीय करण: 👉 तैतिल (20:16 तक)
अभिजित मुहूर्त 👉 11:58-12:45
राहुकाल 👉 16:31-17:54
दिशाशूल 👉 पश्चिम
चंद्रवास 👉 दक्षिण 15:27 तक
सूर्य राशि 👉 तुला
चंद्र राशि 👉 मकर 15:27
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दिन का चौघड़िया
उद्वेग-06:47-08:11
चर-08:11-09:34
लाभ-09:34-10:57
अमृत-10:57-12:21
काल-12:21-01:44
शुभ-01:44-03:07
रोग-03:07-04:31
उद्वेग-04:31-05:54

रात का चौघड़िया
शुभ-05:54-07:31
अमृत-07:31-09:07
चर-09:07-10:44
रोग-10:44-12:21
काल-12:21-01:58
लाभ-01:58-03:34
उद्वेग-03:34-05:11
शुभ-05:11-06:48

नवरात्र-पूजन के नौवें दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। नवमी के दिन सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। सिद्धियां हासिल करने के उद्देश्य से जो साधक भगवती सिद्धिदात्री की पूजा कर रहे हैं उन्हें नवमी के दिन इनका पूजन अवश्य करना चाहिए।

सिद्धि और मोक्ष देने वाली दुर्गा को सिद्धिदात्री कहा जाता है। नवरात्र के नौवें दिन जीवन में यश बल और धन की प्राप्ति हेतु इनकी पूजा की जाती है। तथा नवरात्रों का की नौ रात्रियों का समापन होता है। माँ दुर्गा की नौवीं शक्ति सिद्धिदात्री हैं, इन रूपों में अंतिम रूप है देवी सिद्धिदात्री का होता है। देवी सिद्धिदात्री का रूप अत्यंत सौम्य है, देवी की चार भुजाएं हैं दायीं भुजा में माता ने चक्र और गदा धारण किया है, मां बांयी भुजा में शंख और कमल का फूल है। प्रसन्न होने पर माँ सिद्धिदात्री सम्पूर्ण जगत की रिद्धि सिद्धि अपने भक्तों को प्रदान करती हैं।
दुर्गा पूजा विसर्जन ओर दशहरा आज ही है