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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 मई 2024। डॉ भीमराव अंबेडकर ने समाज की जिस सामूहिक आत्मा की बात कही थी वह आज श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के गांव इंदपालसर हीरावतान में साकार नजर आई। इस गांव के ग्रामीणों ने सामूहिकता की एक मिसाल पेश की है। गांव की बेटी भंवरी देवी भाट विवाह के बाद विधवा हुई तो बच्चों के साथ अपने मायके आकर रहने लगी। पूरे परिवार में रतौंधी का आनुवंशिक रोग है जिससे अधिकांश सदस्य दिन के समय में आंखे नहीं खोल पाते है। भंवरी देवी सहित परिवार के सदस्य गांव में ब्याह शादियों या अन्य आयोजनों में बर्तन मांजकर, छोटी बड़ी मजदूरी कर गुजारा कर रहें थे। भंवरी देवी की पोती का विवाह उनके लिए चिंता का विषय बन गया और आज गांव के हर घर से उसके लिए लोग नाना, मामा, भाई बनकर आए। पूरे विवाह की जिम्मेदारी उठाकर ग्रामीणों ने भंवरी देवी को चिंता मुक्त कर दिया। ग्रामीणों युवती के विवाह में मायरा भरने के साथ दहेज का सामान जुटा दिया और बारात के लिए भोजन सहित पूरे विवाह का खर्चा वहन किया। सोमवार सुबह मायरा भरा गया और दिन में बारात आ गई। आज विवाह संपन्न हुआ और हनुमानगढ़ जिले से आई बारात में शामिल सभी लोगों ने ग्रामीणों की सराहना की। पूरे क्षेत्र में खबर फैलने के साथ चारों और इस विवाह की चर्चा हो रही है। समाजसेवी तोलाराम जाखड़ ने बताया कि ग्रामीणों ने मिलजुल कर भंवरी बाई को चुनड़ी औढ़ाई और सभी ने तिलक की थाली में टिकावणी दी। मायरे में 11 हजार नगदी के साथ, दहेज का सभी सामान, बेड, गद्दे, अलमारी, कूलर, टेबल कुर्सीयां, संदूक, प्रेस, बर्तन सहित नवविवाहिता व उसके ससुराल के बेस, पायल सभी सामान दिया। ग्रामीणों ने ही पूरी बारात की मिजबानी व विदाई तक की व्यवस्था की। जाखड़ ने बताया कि गांव की सभी जातियों ने एकसमान मन से मायरा आयोजन में शामिल होकर एक मिसाल कायम की है। गांव के जाट, राजपूत, मेघवाल, नायक, नाई सहित एक-एक ब्राह्मण व ढोली परिवार है और कोई किसी से पीछे नहीं रहा। हर घर ने उत्साह के साथ अपना सहयोग दिया और इस आयोजन में बढ़चढ़ कर भागीदारी निभाई। भंवरीदेवी ने सजल नैत्रों से कृतज्ञता जताते हुए कहा कि आज एक ओर जहां सगे रिश्ते अपने परिवार में ही मदद करने से पीछे हट जाते है वहीं इस विवाह में ग्रामीणों ने बिना रिश्ते के रिश्ता निभाकर मेरे परिवार को संबल दिया। उनके परिवार के सदस्यों, नाते रिश्तेदारों ने भी कृतज्ञ होकर सभी का आभार जताया।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जुटाया सारा दहेज के सामान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। इंदपालसर हीरावतान में ग्रामीणों ने दिया सामूहिकता का परिचय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ओढाई भंवरी देवी को चुनरी, भरा मायरा।