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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 अप्रैल 2024। व्यापारी से माल खरीद करने और पेमेंट के लिए बैंक बंद होने का बहाना देते हुए ई-मित्र संचालक से पेमेंट ले आने की बात कहना, वहीं दूसरी और ईमित्र को पेमेंट देने के लिए आदमी आने व ई-मित्र से पेमेंट अपने खाते में लेकर ठगी करने के दो अनोखी ठगी के नए मामले क्षेत्र में सामने आए है। जिसमें शातिर ठग ने व्यापारियों को आपस में कन्फयूज कर ठगी को अंजाम दे दिया एवं अब दोनों व्यापारी आपस में एक-दूसरे को इल्जाम देते हुए अपना अपना सर पीट रहे है। रूपयों का ट्रांजेक्शन सिस्टम ऑनलाइन बढता जा रहा है और ऐसे में शातिर दिमाग वाले अपराधी ऑनलाइन ठगी की वारदातें वृह्द स्तर पर करने लगे है। ये ठग आए दिन नए-नए पैतरे अपनाते है और व्यापारी व नागरिक अपने खून पसीने की कमाई गवां बैठते है। हाल ही में श्रीडूंगरगढ़ में दो ठगी की घटनाएं ऐसी हुई है जिससे आमजन को सतर्क होने की जरूरत है। जिससे नागरिक व व्यापारी ऑनलाइन ठगी से बच सकें।

पढ़ें पूरी घटना।

ठगी प्रकरण 1 – 1 अप्रैल, सोमवार के दिन कस्बे के व्यापारी भास्कर कम्प्यूटर एवं इनवर्टर के प्रोपराईटर प्रेम माली के पास ठग का फोन आता है और इनवर्टर लगवाने के लिए आर्डर देता है। बैंक बंद होने के कारण ट्रांजेक्शन नहीं कर पाने की मजबूरी बताते हुए ठग उसे वीर बिग्गाजी ई-मित्र जाकर पैमेंट ले लेने की बात कहता है। दुकानदार का स्टाफ पैमेंट लेने के लिए ई-मित्र पर पहुंचता है तो ठग उस स्टाफ को रेट, माल के बारे में बात नहीं करने की हिदायत देते हुए वहां जाकर 20 हजार की अमाऊंट बताने को कहता है। वहीं दूसरी और ई-मित्र संचालक को यह कहता है कि उसे पैमेंट आवश्यक चाहिए व बैंक बंद होने के कारण यह व्यक्ति आपको 20 हजार रुपए देने आया है। वह लेकर 200 रुपए का कमीशन रखने व 19,800 की रकम मेरे खाते में डाल दो। ऐसे में कार्य की व्यस्तता के कारण ई-मित्र संचालक दुकानदार के स्टाफ को केवल 20 हजार के लिए आने की बात पुछता है तो वह हां भर लेता है। शातिर ठग इस दौरान लगातार फोन पर उलझाए रखता है व जैसे ही पैमेंट ट्रांसफर हो जाता है तो ठग तुरंत फोन को काट देता है। इसके बाद ई-मित्र संचालक, दुकानदार के स्टाफ से एवं दुकान का स्टाफ ई-मित्र से पैसे मांगते रह जाता है।

ठगी प्रकरण 2- 31 मार्च को ठीक ऐसी ही घटना कस्बे के दुकानदार टैक्निकल दोस्त के प्रोपराईटर सतपाल के साथ भी हुई है। उससे भी 20 हजार की खरीद करने, ई-मित्र से पैसे लेने एवं ई-मित्र वाले को 20 हजार देने के लिए आया बता कर 19,800 अपने खाते में डलवा लेने की वारदात हुई।

ऐसे दिया ठगी को अंजाम- ऑनलाइन ठगी में माहिर बैठे अपराधी ने ऑनलाइन ही नबंर व लोकेशन उठाई है। ठग ने श्रीडूंगरगढ़ के एक व्यापारी के नबंर लिए व एक ई-मित्र के नबंर उठाए। व्यापारी व ईमित्र संचालक को बातों में कन्फयूज किया और वारदात को अंजाम दिया। ठग की भाषा और हमारी क्षेत्रीय भाषा में अंतर था और ठग दिल्ली के अंदाज में ही बातचीत कर रहा था। व्यापारी या आमजन भी भाषा का फर्क समझकर भी फ्रॉड के लिए सचेत हो जावें और बातचीत पुख्ता ढंग से करें। फोन पर लंबी व बेवजह की बातों में उलझाने के प्रयास को ही समझे जिससे ठगी से बचाव हो सकें।

थानाधिकारी ने लिया एक्शन- रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लेते हुए थानाधिकारी ने बैंक को फ्रॉड की सूचना देते हुए रूपए होल्ड करवाए वहीं ठग की लोकेशन जांच करवाई। लोकेशन दिल्ली की आई और जांच आगे जारी है। फ्रॉड का शिकार हुए व्यापारी व ईमित्र संचालक ने शहरवासियों को सचेत होने की बात कही है।  https://fb.watch/rbCSvlmJ0X/  इस लिंक पर क्लिक कर सुने पूरी बातचीत