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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 सितम्बर 2026। जिले में व्यापक स्तर पर खजूर, काचरी, सांगरी, सहजन, कद्दू वर्गीय फसलों का उत्पादन हो रहा है, जिन्हें सुरक्षित सुखाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती रहती है। खुले खेतों में फैलाकर सुखाये जाने पर कोहरा, बादल और बारिश सहित मौसम की मार का खतरा बना रहता है। ऐसे में अब किसानों के लिए सोलर ड्रायर राहत का विकल्प बना है। उद्यान विभाग राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत किसानों को सोलर ड्रायर की स्थापना पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दे रहा है। खजूर फल सहित काचरी, सांगरी, सहजन, कद्दू वर्गीय सब्जियों को कम समय में सुरक्षित तरीके से सुखाने में सोलर ड्रायर उपयोगी है। इससे फसल को खुले में सुखाने के दौरान धूल लगने और अचानक बारिश या नमी से खराब होने का खतरा कम होगा साथ ही सुरक्षित सुखाई से उत्पाद की गुणवत्ता बढे़गी जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।
70 किलो क्षमता पर 2.50 लाख, 100 किलो पर 3.50 लाख की लागत
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत 70 किलो क्षमता वाले सोलर ड्रायर की लागत 2.50 लाख रुपए तथा 100 किलो क्षमता वाले ड्रायर की लागत 3.50 लाख रुपए निर्धारित है। विभाग की ओर से इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
सोलर ड्रायर कटाई के बाद उद्यानिकी फसल के सुरक्षित प्रबंधन का बनेगा विकल्प
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। खुले में सुखाने में मौसम की अनिश्चितता किसानों के लिए परेशानी बनती है। कई बार कोहरा, बादल अथवा बारिश के कारण खेत में फैलाया गया खजूर फल, काचरी फल व सांगरी की फलियां, सहजन की फलियां पत्तियां तथा कद्दू वर्गीय फसलों खराब हो जाती है। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि सोलर ड्रायर इस जोखिम को कम करने के साथ किसानों को कटाई के बाद सुरक्षित प्रबंधन का विकल्प देगा। सोलर ड्रायर में प्लेट्स और ट्रे होती हैं, जिससे न तो डस्ट लगती है और न ही फल के भीगने का डर रहता है। बहुत कम समय में सब्जियों को सुरक्षित तरीके से सुखाया जा सकता है। उपनिदेशक उद्यान अनुसंधान एटीसी प्रेमाराम ने बताया कि किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि उद्यानिकी विभाग के सहायक कृषि अधिकारी व कृषि पर्यवेक्षक से संपर्क कर सकते हैं।