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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 फरवरी 2024। क्षेत्र में आज अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर एकमात्र कार्यक्रम गांव बींझासर में सैंकड़ो स्कूली विद्यार्थियों द्वारा आयोजित किया गया। गांव के राउमावि के संयोजन में सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के 800 से अधिक छात्र छात्राओं ने मायड़ भासा जागरण रैली निकाली। गांव की मुख्य गलियों में कण कण में गूंजे राजस्थानी के नारे गूंज उठे। रैली से पूर्व आयोजित कार्यक्रम में व्याख्याता व राजस्थानी साहित्यकार छैलूदान चारण ने मातृभाषा का महत्व बताते हुए राजस्थानी भाषा को संवैधानिक व राजकीय मान्यता मिलने पर राजस्थानियों को होने वाले लाभ के बारे में जानकारी दी। चारण ने बताया कि दुनिया की सबसे बड़े शब्दकोश वाली भाषा को मान्यता नहीं मिलने से करोड़ों राजस्थानियों के हितों के‌ साथ कुठाराघात है। इस अवसर पर अनेक मेघावी विद्यार्थियों‌ ने भी मातृभाषा के बारे में अपने विचार रखें। वरिष्ठ अध्यापक रामप्रताप स्वामी ने राजस्थानी भाषा के उद्भव और विकास के बारे में जानकारी देते हुए इसके समृद्ध साहित्य के बारे‌‌ में बताया। अंतिम कुमार मीणा ने राजस्थानी की अलग अलग बोलियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर नरेन्द्र सिंह, जगनाराम, मांगीलाल, कल्पना, बनवारीलाल, रमीला, अबीना, आशावर्मा, संजय, प्रदीप, मालाराम, मोहनलाल नैण, जैसाराम, रुपापुरी कड़वासरा, हेमाराम, भगवानपुरी, भंवरलाल गोदारा, पूराराम, हड़मान शर्मा, रेंवतराम नैण व प्रभूराम नैण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहें।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजस्थानी साहित्यकार छैलूदान चारण ने बताया मातृभाषा का महत्व।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव की सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के छात्र छात्राओं ने लगाए नारे, निकाली जागरूकता रैली।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव की गलियों में गूंजा राजस्थानी की मान्यता के लिए संघर्ष का आह्वान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विद्यार्थी, शिक्षकों के साथ शामिल हुए ग्रामीण।