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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 मई 2026। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में जीते जी घायलों को ट्रोमा की सुविधा नहीं मिल पा रही है वहीं मरने के बाद भी शव को मोर्चरी में उचित सम्मान नहीं मिल पा रहा है। मोर्चरी रूम की व्यवस्था बदहाल है, जिससे मृतक के परिजन ही नहीं स्वयंसेवी लोग भी परेशान है। शवों के संरक्षण के लिए जरूरी इंतजाम नाकाफी है, जिससे दो दिन में ही शव सड़ने की स्थिति में पहुंच जाते है।
मोर्चरी के फ्रीजर में पावर बैकअप नहीं है और अघोषित कटौती से व्यवस्था चरमरा जाती है। कई महीनों से मोर्चरी की सफाई नहीं हुई है, जिससे शवों के सम्मानजनक संरक्षण पर सवाल खड़े हो रहें है। मोर्चरी कक्ष में चारों और खून, खून से सने कपड़े पड़े है और गंदगी से हाल बदहाल हो गया है। इससे खतरनाक संक्रमण फैलने का खतरा भी मंडराता रहता है। क्षेत्र की स्वयं सेवी संस्था आपणो गांव सेवा समिति के सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए बताया कि यहां सफाई होती ही नहीं है और लगातार लंबे समय से मोर्चरी का यही हाल है। बार बार अस्पताल प्रशासन से आग्रह करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अस्पताल के किसी कार्मिक से कहने पर वे अपनी ड्यूटी नहीं होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ते नजर आते है। समिति अध्यक्ष जतनसिंह राजपुरोहित ने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में मृतकों के शव का सम्मान किया जाना समाज की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्थानीय स्तर पर वर्तमान स्थिति व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर रही है।
इस शव गृह में तीन फ्रीजर है और तीनों बदहाल अवस्था में है। तीनों ही फ्रीजर दानदाताओं के सहयोग से आपणों गांव सेवा समिति द्वारा दिए गए है। समिति सदस्यों ने बताया कि मोर्चरी की जिम्मेदारी किसी को नहीं दिए जाने के कारण यहां व्यवस्था में भारी गफलत है। समिति ने मेडिकल अधिकारियों से वार्ता के बाद केयर करने की सहमति के बाद ही ये फ्रीजर दिए। परंतु अब हालात दयनीय है और कई बार की वार्ता भी निष्फल ही हो गई है। समिति सदस्यों के बीच से अब ये फ्रीजर यहां से उठा लेने की आवाजें भी आने लगी है। जागरूक लोग भी इस बेहाल व्यवस्था को पटरी पर लाने का आग्रह करते हुए नजर आ रहें है।