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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 21 नवबंर 2019। बिग्गा गांव की सोनु देवी पत्नी श्रवण कुमार जाखड़ के जीवन में पुत्र प्राप्ति का समाचार उदासी के साथ आया। उनका पुत्र 7वें महीने में दुनिया मे आया मात्र 900 ग्राम वजन के साथ और जीवन जीने के लिए संघर्ष में जुट गया। सोनू देवी ने 8 नवम्बर को सांतवे महीने में बच्चे को जन्म दिया। बच्चा मात्र 900 ग्राम का था। बच्चे को सांस लेने में काफी तकलीफ थी। जन्म के साथ ही बच्चे को पीलिया हो गया व मां का दूध भी पच नहीं पा रहा था। बच्चा हाईपाकैल्शिमिया से ग्रस्त हो गया। डॉ. मनीषा पंवार ने समय पूर्व प्रसव करवाने में सफलता हासिल की परन्तु बच्चे की हालत नाजुक थी। बच्चे के पिता श्रवण व बच्चे की दादी सहित परिवार समझ नहीं पाया की पुत्र रत्न की प्राप्ति पर खुशियाँ मनाई जाए या नहीं क्योंकि बच्चे का वेट सामान्य से बहुत कम था और वो बाहर की दुनिया में अभी सांस नहीं ले पा रहा था। मां और दादी की प्राथनाओं के साथ दवाओं ने भी असर दिखाया और आज बच्चा गुरुवार दोपहर को अस्पताल से अपने घर जा रहा है। कस्बे के तुलसी सेवा केन्द्र की नर्सरी में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राज कुमार सुथार ने अपनी टीम के साथ 8 नवबंर को प्री मेच्योर डिलिवरी में मात्र 900 ग्राम के बच्चे को पूर्ण स्वस्थ कर दिखाया। सुथार ने बताया कि सामान्य तौर पर बच्चे का जन्म के समय वैट 2.5 से 3.5 के बीच होना चाहिए यह बच्चा प्रीमेच्योर होने से बहुत कमजोर था परन्तु स्टाफ की मेहनत काम आई और आज बच्चा अपने घर जा रहा है। आज सुबह करीब 12 बजे बाद बच्चे को घर ले जाने की परमिशन मिलते ही सोनू देवी की आँखों में खुशी के आँसू भर आये। पिता श्रवण कुमार ने कहा कि डॉ. वास्तव में ईश्वर का ही रूप होते है। उन्होनें मेरे घर के चिराग को रोशन कर दिया। श्रवण डॉक्टरों को बार बार धन्यवाद देते हुए अस्पताल से विदा ले रहे है। अस्पताल के प्रशासक सूर्यप्रकाश गाँधी ने केंद्र के स्टॉफ को इस सफलता के लिए बधाई दी।