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October 16, 2026
10-oct
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अक्टूबर 2023,🚩श्री गणेशाय नम:🚩शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 28 – Oct – 2023
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि पूर्णिमा +01:55 AM
🔅 नक्षत्र :
रेवती 07:31 AM
अश्विनी 07:31 AM
🔅 करण :
विष्टि 03:05 PM
बव 03:05 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग वज्र 10:51 PM
🔅 वार शनिवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:42 AM
🔅 चन्द्रोदय 05:33 PM
🔅 चन्द्र राशि मीन
🔅 सूर्यास्त 05:53 PM
🔅 चन्द्रास्त चन्द्रास्त नहीं
🔅 ऋतु हेमंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1945 शोभकृत
🔅 कलि सम्वत 5125
🔅 दिन काल 11:10 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2080
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 11:55:15 – 12:39:59
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 06:42 AM – 07:26 AM
🔅 कंटक 11:55 AM – 12:39 PM
🔅 यमघण्ट 02:54 PM – 03:38 PM
🔅 राहु काल 09:29 AM – 10:53 AM
🔅 कुलिक 07:26 AM – 08:11 AM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 01:24 PM – 02:09 PM
🔅 यमगण्ड 01:41 PM – 03:05 PM
🔅 गुलिक काल 06:42 AM – 08:06 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पूर्व

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर, मीन

📜 चोघडिया 📜

🔅काल 06:42:07 – 08:06:00
🔅शुभ 08:06:00 – 09:29:52
🔅रोग 09:29:52 – 10:53:45
🔅उद्वेग 10:53:45 – 12:17:37
🔅चल 12:17:37 – 13:41:29
🔅लाभ 13:41:29 – 15:05:22
🔅अमृत 15:05:22 – 16:29:14
🔅काल 16:29:14 – 17:53:07
🔅लाभ 17:53:07 – 19:29:19
🔅उद्वेग 19:29:19 – 21:05:32
🔅शुभ 21:05:32 – 22:41:45
🔅अमृत 22:41:45 – 24:17:57
🔅चल 24:17:57 – 25:54:10
🔅रोग 25:54:10 – 27:30:23
🔅काल 27:30:23 – 29:06:36
🔅लाभ 29:06:36 – 30:42:48

❄️ लग्न तालिका ❄️

🔅 तुला चर
शुरू: 05:58 AM समाप्त: 08:17 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 08:17 AM समाप्त: 10:36 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 10:36 AM समाप्त: 12:40 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 12:40 PM समाप्त: 02:23 PM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 02:23 PM समाप्त: 03:52 PM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 03:52 PM समाप्त: 05:17 PM

🔅 मेष चर
शुरू: 05:17 PM समाप्त: 06:53 PM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 06:53 PM समाप्त: 08:50 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:50 PM समाप्त: 11:04 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 11:04 PM समाप्त: अगले दिन 01:25 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:25 AM समाप्त: अगले दिन 03:42 AM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:42 AM समाप्त: अगले दिन 05:58 AM

⭐ पुर्णिमा व्रत
⭐ खंडग्रास चंद्रग्रहण संपूर्ण भारत वर्ष में मान्य होगा इसके सभी नियम माने जायेंगे।
सूतक – प्रारंभ सांय 04:05
ग्रहण काल – रात्रि 01:05 मिनट से 02:23 तक
खीर भोग – सूतक से पूर्व बनाकर उसमें कुशा डालकर घर के भीतर रख देवें। रात्रि ग्रहण काल के पश्चात् चंद्रमा की किरणों में रखें और प्रातः भोग लगाएं।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026