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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 21 मई 2020। भाजपा देहात जिलाध्यक्ष ताराचन्द सारस्वत ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कृषक कल्याण शुल्क की 2 प्रतिशत वृद्धि का विरोध करते हुए वापस लेने मांग की। सारस्वत ने किसानों को रियायती दर पर मुंगफली बीज उपलब्ध कराने, कृषकों का छ: माह का बिजली बिल माफ़ करने की बात भी कही। सारस्वत ने कहा कि कृषक कल्याण के रूप में दो प्रतिशत मण्डीशुल्क थोपने से राजस्थान में मण्डी शुल्क 3.60 % प्रतिशत हो गया है किसान की जेब पर सीधा डाका डालना है। इसका प्रभाव सीधे किसान को मिलने वाले भाव पर ही पड़ेगा और किसान को गरीबी की और धकेलना का कार्य है। कृषि जिन्स को क्रय करने वाला उतने ही कम दाम पर जिन्स खरीदेगा जिसका सीधा नुकसान किसान को होगा एंव इसका सीधा फायदा कर चोरी करने वालों को मिलेगा जिससे दो नम्बर के कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और ईमानदार लोग काम नहीं कर पाएंगे। जबकि हमारे पड़ौस के अन्य राज्यों में ये मण्डी शुल्क मात्र 0.50 % ही है। पड़ौसी राज्य में 3 प्रतिशत तक किसानों की फसल का दाम ज़्यादा मिलने से किसान अपनी उपज को अन्य राज्यों में ले जा कर बेच रहे है कई व्यापारी भी किसानों के खलिहान से सीधे फसल ख़रीद कर पड़ौसी राज्यों में लेकर जा रहे है। वहाँ डीज़ल का मुल्य भी पांच रु. प्रति लीटर तक सस्ता है तो आते समय अपनी ज़रूरत का ईंधन साथ ला रहे है इससे उनकी फसल का भाड़ा भी कम पड़ रहा है जिससे राज्य के मज़दूर बेराजगार हो रहे हैं फ़ैक्ट्री मीलें बंद हो गई है ओर सरकार को बहुत बड़ा राजस्व का नुक़सान हो रहा है अत: अतिशीघ्र इस वृद्धि दर को वापस लें अन्यथा भविष्य मे हमारे यहाँ कृषि से जुड़े उधोग, व्यापार, मजदूर व मण्डियाँ बर्बाद हो जायेगी ओर बेरोज़गारी बढ़ जायेगी। सारस्वत ने कहा कि मुंगफली की बिजाई का समय चल रहा है ओर किसान को बहुत महँगा बीज 125 रु. प्रति किलो खरीदना पड़ रहा है जिससे मूंगफली की बीजाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। सारस्वत ने सरकार से मांग की नैफेड के पास पर्याप्त मात्रा में मुंगफली पडी़ है अगर किसान को उचित भाव में मुंगफली दी जाये या मुंगफली बीज पर सीधे सब्सिडी देकर किसान को राहत देवें। ताकि मूंगफली की बीजाई बढ़े व उत्पादन बढ़े ओर अर्थव्यवस्था में सुधार हो सके। सारस्वत ने कहा की छः माह के लिए किसानों के बिजली बिल माफ़ किये जायें क्योंकि पहले तो टिडडी ,फिर बेमोसम बरसात से किसान को बहुत कष्ट झेलना पड़ा और अब इस कोरोना महामारी ने किसान की क़मर तोड़ दी इसलिए सभी के बिजली बिल छः माह के लिए माफ़ किये जायें जिससे हमारे अन्नदाता को राहत मिल सके ।