Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
6f4ccef82986a67d847fcef9f24
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 दिसम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन ध्यान देवें और जनता को बरगलाने वाली बयानबाजी से बाज आएं ये आज कस्बे के बाजार में सभी नुक्कड़ों पर सुनाई दिया। कस्बे में हर किसी ने पालिका का मजाक बनाया व गंदी बस्ती सुधार समिति के अध्यक्ष तोलाराम मारू ने इस ट्रोमा सेंटर के सम्बंध में पूर्व में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। मारू ने आज सुबह की गई कार्रवाई पर क्षोभ प्रकट करते हुए बताया कि नेशनल हाइवे पर साढ़े सात बीघा विवादित भूमि पर ट्रोमा सेंटर का प्रस्ताव बना कर देने के आदेश जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने उपखंड अधिकारी के नाम जारी किए थे। उपखंड अधिकारी ने तहसीलदार और तहसीलदार ने नगरपालिका ईओ को आदेश दिया की प्रस्ताव बना कर भेजा जाएं। सामान्य जनता का आज यही कहना सुनाई दिया कि ईओ द्वारा कलेक्टर के निर्देश तो आज तक माने नहीं गए और आज इस मालिकाना हक के आवंटन विवाद में फंसी भूमि को राजनीतिक शह पर ट्रोमा सेंटर के लिए बताया गया है। पूर्व में दो समुदायों के बीच विवाद का कारण बनने वाली भूमि पर ट्रोमा सेंटर का प्रस्ताव देने के लिए पालिका को कई बार परिस्मरण पत्र भी जारी किए गए है। जिला कलेक्टर ने 19 अक्टूबर को जनसुनवाई में यह कार्य शीघ्र करवाने का आश्वासन भी श्रीडूंगरगढ के समाज सेवियों को दिया था। तत्कालीन कलेक्टर गौतम ने मौके का मुआयना भी किया और इस भूमि के सभी समुदायों के स्वास्थ्य संबंधी उपयोग में लेने पर वे सहमत थे। 3 फरवरी 2020 को इस पर कार्रवाई कर तीन दिन में रिपोर्ट देने का आदेश भी नगरपालिका अधिकारी को दिया गया था। आज मारू सहित नागरिकों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को वास्तव में विकास करना होता तो अब तक श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर की नींव भी लग जाती।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। नगरपालिका को 3 दिन में रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया जिस पर आज तक कार्रवाई नहीं कि गई है।