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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 फरवरी 2021। श्रीडूंगरगढ़ में चल रहे राजनीतिक उठापटक के दौर में राजनैतिक तबादलों की एक खबर और निकल कर सामने आ रही है। क्षेत्र में गत दिनों पूर्व विधायक की डिजायर पर किए गए पटवारियों के तबादलों में वर्तमान विधायक गिरधारी महिया ने तबादले निरस्त करवा कर अपना जोर दिखाया है एवं इस बार तो कर्मचारी एकता ने भी हुंकार भरते हुए निरस्त नहीं होने वाले तबादलों पर न्यायालय से स्टे लाकर खुद को यहीं पर कायम रखा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के 47 पटवार सर्किल में 47 की जगह केवल 23 पटवारी थे और लगातार पटवारियों की कमी के कारण किसानों को हो रही दिक्कतों के कारण आए दिन रिक्त पद भरने की मांगें उठा करती थी। पहले से ही रिक्त पदों के बीच ही सरकार द्वारा 14 पटवारियों का तबादला यहां से बाहर एवं 8 पटवारियों का तबादला बाहर से यहां कर दिया गया। ऐसे में इन तबादलों ने कोढ़ में खाज का काम किया एवं 47 में से रिक्त पड़े पदों की संख्या 24 से बढ़ कर 30 हो गई। ऐसे में वर्तमान विधायक एवं कर्मचारी भी सक्रिय हुए एवं विधायक महिया के हस्तक्षेप से राजनैतिक तबादलों का शिकार बने पटवारी सीताराम नाई एवं रामचंद्र जाट के तबादले निरस्त करवा लिए गए। इसके बाद कार्मिक न्यायालय की शरण में गए एवं न्यायालय ने भी राजनैतिक द्वेषता का शिकार मानते हुए पटवारी शंकर लाल जाखड़, सुनिता चौधरी, चंद्रशेखर और रामनिवास पांडिया के तबादले पर स्टे दे दिया है। जिला प्रशासन ने भी इन चारों के तबादलों पर स्टे की पालना में पटवारी चंद्रशेखर को मोमासर में, सुनिता चौधरी को जैतासर में, रामनिवास पांडिया को बिग्गाबास रामसरा में एवं शंकरलाल जाखड़ को जैसलसर में पदस्थापित ही रहने के आदेश जारी कर दिए गए है। पटवारियों के तबादलों को निरस्त करवा कर एवं रोक कर विधायक महिया ने एक बार फिर राजनैतिक वर्चस्व की जंग में अपनी ताकत को साबित किया है।

नेता विचार करें की जनता का काम कैसे हो.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। क्षेत्र में चल रही राजनैतिक वर्चस्व की जंग में आए दिन कार्मिकों, अधिकारियों के तबादले, एपीओ आदि करवाने की होड़ करीब छह माह से चल रही है। ऐसे में क्षेत्र के नेताओं से क्षेत्र की जनता की यही अपेक्षा है कि वे अपने आदमी सेट करने के बजाए जनता के आदमी सेट करने के प्रयास करें। विडम्बना ही है कि पटवार संघ द्वारा पूरे राजस्थान में रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर जो आंदोलन चला रहा है उसमें पूरे राज्य में पटवारियों ने अतिरिक्त चार्ज वाले पटवार सर्किलों के बस्ते तहसील में जमा करवा दिए है और इन हलकों के किसानों का कोई कार्य नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पहले से ही रिक्त पदों की मार झेल रहे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए इन छह और पटवारियों का तबादला हो जाता तो और कितनी परेशानी झेलनी पड़ती यह यक्ष सवाल जनता यहां के नेताओं से पूछ रही है। लेकिन जवाब देने का समय शायद ही यहां के नेताओं को मिले क्योंकि वे तो सभी अपने अपने जुगाड़ सेट करने में जुटें हुए रहतें है। इन नेताओं को क्षेत्र की जनता की समस्याओं के निस्तारण पर भी चिंतन करना चाहिए।