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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 1 अगस्त 2020। कोरोना के साये में कस्बे का ज्वेलरी व्यवसाय बिल्कुल सुस्ती पर आ गया था। हिसार विवाह के बाद कस्बे में 14 कोरोना संक्रमित स्वर्णकार समाज के मिलने के कारण समाज ने नैतिक जिम्मेदारी के साथ अपने प्रतिष्ठान बंद भी रखे। कस्बाई संस्कृति होने के कारण कुछ दिन ज्वेलरी शॉप में नहीं जाने का भाव भी नागरिकों में देखने को मिला। कस्बे में ज्वेलरी व्यवसाय इससे बूरी तरह प्रभावित हुआ व उसके बाद भी ज्वेलरी व्यवसाय ने अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ी थी। समाज के पॉजिटिव के नेगेटिव रिपोर्ट आने पर संक्रिमत अपने घरों को चले गए व अपना सामान्य जीवन जीने लगे है। अब देवउठनी ग्यारस से आने वाले सावों की आहट और रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए कस्बे का ज्वेलरी व्यवसाय भी रफ्तार पकड़ रहा है। बहनें चांदी की राखियाँ भाइयों के लिए ले रही है तो भाई भी बहन को तोहफे में देने के लिए चांदी की पायल, चाँदी की गाय, चाँदी के कड़े, चाँदी के ब्रेसलेट के साथ ही सोने के बालियाँ, अगुंठी इत्यादि खरीद रहे है। आगे आने वाले सावों को देखते हए सोने चाँदी के आभूषणों की बिक्री होने लगी है। हालांकि कोरोना काल में होने वाले नुकसान की भरपाई में अभी वक्त लगेगा क्योंकि सोने के भाव भी आसमान छू रहे है। कस्बे के स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष बाबूलाल सहदेवड़ा ने बताया कि सोने व चाँदी के भावों में तेजी के बावजुद अब हालात अब सामान्य होने की ओर बढ़ रहे है, लगातार भावों तेजी, मंदी आने से भी ग्राहकी में फर्क पड़ता है अब अगर भाव स्थिर हो जाए तो ये व्यवसाय आशा के अनुरूप चल पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चौमासा समाप्त होने के साथ ज्वेलरी व्यवसाय पूरी तरह से पटरी पर आने की संभावना है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे की जे.पी.ज्वेलर्स घास मंडी, अब रौनके लौटने लगी है।