Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 15, 2026
000000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 31 अगस्त 2024। राउमावि रूपादेवी मोहता में आयोजित दो दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्राचार्य वाकपीठ संगोष्ठी शनिवार को संपन्न हो गई। संगोष्ठी में शिक्षा व्यवस्था में नवाचारों को स्थान दिए जाने के विचार पर लंबी चर्चा हुई। वाकपीठ समिति के मीडिया प्रभारी नौरतमल सारस्वत ने बताया कि वाकपीठ में अतिथि रूप में शिक्षा विभाग से जिला शिक्षा अधिकारी गजानन्द सेवग, एडीई बीकानेर सुनील बोड़ा, पांचू सीबीईओ भंवरलाल जानू, राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग चुरू के सहायक निदेशक श्रीभगवान सैनी, वाकपीठ के कार्यकारी अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, वरिष्ठ प्राचार्य पुनंदलसर सीमा चौधरी, बजरंगलाल सेवग, एडवोकेट अनिल धायल व रूपादेवी स्कूल प्राचार्य उमाशंकर सारण मंच पर मौजूद रहें। अतिथियों ने सरस्वती पूजन से सत्र प्रारंभ किया। जिला शिक्षा अधिकारी गजानंद सेवग ने सभी प्राचार्यों को सजग होकर विद्यालय संचालन का आह्वान किया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील बोड़ा ने संस्था प्रधानों को शैक्षिक वातावरण निर्माण हेतु जागरूकता से कार्य सम्पादित करने पर बल दिया। युवा एडवोकेट अनिल धायल ने नए कानूनों बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए राजकीय लोकसेवकों से सम्बंधित कानूनों के विषय में जानकारी दी। वार्ताकार श्रीभगवान सैनी ने राज्य बीमा व प्रावधायी निधि विभाग की योजनाओं के बारे में अवगत करवाया वहीं वाकपीठ सचिव देवीसिंह राजपुरोहित ने आभार उद्बोधन दिया। वाकपीठ व्यवस्थापक लक्ष्मीकांत वर्मा ने बताया कि समिति की ओर से इस वर्ष सेवानिवृत्त हो रहे प्राचार्य ओमप्रकाश शर्मा, बिग्गाबास रामसरा, सीमा चौधरी, पुन्दलसर और जगदीश स्वामी ,सुरजनसर का सम्मान किया गया। वाकपीठ के निवर्तमान अध्यक्ष और वर्तमान में पाँचू ब्लॉक के सीबीईओ भंवरलाल जानू का भी समिति की ओर से अभिनन्दन किया गया।
नई प्राचार्य वाकपीठ कार्यकारिणी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दो दिवसीय वाकपीठ के सम्पन्न होने के पश्चात वाकपीठ की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष शिवनाथ सिंह को चुना गया वहीं उपाध्यक्ष पद पर रजनी सोलंकी व नन्दराम सिद्ध, सचिव पद पर रामधन बाना, कोषाध्यक्ष अनिता दोचानिया, उपसचिव ओमाराम रोलन सहित कुल 11 सदस्यीय वाकपीठ कार्यकारिणी गठित की गई। सभी प्राचार्यों ने नई कार्यकारिणी का स्वागत करते हुए बधाई दी।