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October 16, 2026
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आड़सर बास में 8 फरवरी को होगा हिंदू सम्मेलन, उत्साह के साथ तैयारियां प्रारंभ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 फरवरी 2026। आड़सर बास में मूंधड़ा मंदिर में बीते रविवार शाम सर्व समाज के मौजिज लोगों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में आगामी 8 फरवरी को हिंदू सम्मेलन के आयोजन की तिथि तय कर विधिवत तैयारी की रूपरेखा तैयार की गई। 8 फरवरी, रविवार को दोपहर 2 बजे श्यामजी मंदिर से कलश यात्रा निकलेगी व आड़सर बास के मुख्य मार्गों से होते हुए विराट हिंदू सम्मेलन के आयोजन स्थल श्रीराम भवन पहुंचकर यात्रा सम्मेलन में बदल जाएगी। यात्रा में विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां भी सजाई जाएगी। सदस्यों ने बताया कि सम्मेलन में संतो का सान्निध्य होगा व बड़ी संख्या में आड़सर बास के सर्व समाज परिवार इसमें शामिल होंगे। वहीं सोमवार शाम को उत्साही युवाओं व सदस्यों द्वारा पीले चावल कर सम्मेलन के प्रचार प्रसार की रणनीति बनाई जाएगी।


गांव धनेरू में वक्ताओं ने कटुंब प्रबोधन चेतना का संचार किया, संत ने बताई गौमहिमा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव धनेरू में बीते रविवार उत्साह के साथ हिंदू सम्मेलन संपन्न हुआ। यहां संत मोहनराम जी महाराज ने सनातन धर्म व गौ महिमा पर विस्तार से चर्चा करते हुए हर घर को गौसेवा से जुड़ने का आह्वान किया। वहीं मुख्य वक्ता आरएसएस के संघ क्षेत्रीय कार्यवाहक जसवंत खत्री ने संघ की 100 वर्ष की यात्रा व पंच परिवर्तन के बारे में जानकारी दी। खत्री ने हिंदू धर्म को वसुधैव कुटुंबकं में विश्वास रखने वाला बताते हुए विश्व के लिए प्रेरणीय बताया। वहीं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ सरोज राठौड़ ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर जानकारी देते हुए परिवार को प्रेम, संवाद और नैतिक मूल्यों की शिक्षा केंद्र बनाने की बात कही। डॉ राठौड़ ने कहा कि सप्ताह में कम से कम एक बार परिवार के साथ बैठकर संवाद करना, भोजन करना, भारतीय संस्कार व राष्ट्रभक्ति के संस्कार भावी पीढ़ी को देना ही समाज की सशक्त नींव रखेगा। यहां मंच पर प्रेमदास जी महाराज भी उपस्थित रहें। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, मातृशक्ति व युवा सम्मेलन में शामिल हुए।


कालूबास में संत ने संस्कृति बचाने का आह्वान किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बीते रविवार कालूबास बस्ती में हिंदू सम्मेलन का आयोजन उत्साह के साथ संपन्न हुआ। संत निश्चिलनाथ जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह से संस्कृति को बचाने के लिए योगदान देने का आह्वान किया। महाराज ने सनातन संस्कृति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विश्व की श्रेष्ठ संस्कृति है, जो सहअस्तित्व में विश्वास करती है। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता संघ के वरिष्ठ प्रचारक नंदलाल बाबा ने संपूर्ण विश्व में हिंदू संस्कृति के प्राचीन इतिहास को गौरवशाली का उल्लेख करते हुए कहा कि आज पुरे विश्व में हमारे देवी देवताओं कि पूजा प्रारंभ हो गई है। वहीं शास्त्रों में बताये तौर तरीकों से जीवन जीने का प्रयास पूरे विश्व के लोग करने लगे है। लेखिका भगवती पारीक मनु द्वारा कुटुंब प्रबोधन और भारतीय समाज में नारी की स्थिति विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। पारीक ने हर घर में नारी के सम्मान को भारतीय परंपरा का महान घटक बताते हुए भावी पीढ़ी के पालन में माताओं के सजग रहने की जरूरत बताई। कमल प्रजापत ने वीररस कविता की प्रस्तुति दी। सम्मेलन में बस्ती से बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों ने भागीदारी निभाई।