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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 नवंबर 2022। बेरोजगारों के लिए बड़ी खबर विदेश में रोजगार प्राप्त करने की आई है। युवा अपनी स्किल्स बढ़ाए और इनके लिए अप्लाई करने की तैयारी करें। एक मीडिया संस्थान में प्रकाशित खबर के अनुसार अगले तीन साल में कनाडा 14.5 लाख विदेशी लोगों को नौकरी देने की तैयारी में है। हाल ही में कनाडा के इमीग्रेशन मिनिस्टर शौन फ्रेसर ने कहा की देश में लेबर फोर्स की कमी से अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा है। इससे उबरने के लिए कनाडा को और लोगों की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए कनाडा ने इमीग्रेशन लेवेल्स प्लान 2023-25 के तहत अगले तीन साल में 14.5 लाख अप्रवासी लोगों को देश में नौकरी देने का प्लान बनाया है।

कनाडा में आखिर लेबर फोर्स की कमी क्यों हुई? कनाडा की नई इमीग्रेशन पॉलिसी क्या है और इससे भारत के लोगों को कैसे फायदा मिल सकता है ?

बिजनेस कंसल्टिंग फर्म RSM कनाडा की रिपोर्ट के मुताबिक देश में लेबर फोर्स में कमी की तीन वजहे हैं-

कोविड-19 पैंडेमिक की वजह से लोगों का काम छोड़कर जाना
देश की घटती फर्टिलिटी रेट
बूढ़ी होती आबादी
महामारी के बाद काम छोड़ रहे लोग

जून-जुलाई 2022 में कनाडा ने कोविड-19 महामारी की 7वीं लहर का सामना किया। इस दौरान 11.2% हॉस्पिटल स्टाफ और नर्स भी संक्रमण की चपेट में आकर बीमार हो गए। इससे काम करने वालों की कमी हुई और कई हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड को बंद करने की नौबत आ गई।

इस साल मार्च के महीने से अब तक 2 लाख लोग नौकरी छोड़ चुके हैं। वहीं कुछ लोगों को महामारी के दौरान नौकरी से हाथ धोना पड़ा। जुलाई में 30,000 और जून में 43,000 लोगों ने एजुकेशन, हेल्थकेयर और सोशल सर्विस सेक्टर की नौकरी छोड़ दी। पिछले 1 साल में कनाडा की इकोनॉमी को लेबर शॉर्टेज की वजह से 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

ऐसे लोगों ने अब सेल्फ इम्प्लॉयमेंट के नए तरीके अपना लिए हैं और अब इन्हीं पर निर्भर हैं। अब कंपनियों को दोबारा काम करवाने के लिए नए लेबर फोर्स की जरूरत है, लेकिन पुराने एम्प्लाइज काम पर वापस नहीं आ रहे हैं। इमीग्रेशन मिनिस्टर शौन फ्रेसर ने कहा है की 2025 तक कनाडा में इकोनॉमिक माइग्रेंट कैटेगरी में 60% इमीग्रेंट्स को एंट्री देंगे। इसका मतलब इन इमीग्रेंट्स को कनाडा में परमानेंट रेसिडेंसी कार्ड भी मिलेंगे।

घटता फर्टिलिटी रेट और बूढ़ी होती आबादी

कनाडा में मजदूरों की कमी की एक वजह लगातार गिरता फर्टिलिटी रेट और बूढ़ी होती आबादी भी है। मौजूदा वक्त में कनाडा का फर्टिलिटी रेट 1.4 चिल्ड्रन प्रति महिला है। 2030 तक कनाडा की एक चौथाई आबादी यानी करीब 90 लाख लोग रिटायरमेंट एज तक पहुंच जाएंगे।