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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 मार्च 2025। इंटरनेट की सुविधा ने एक ओर तो मानव जीवन को तकनीकी सुविधाएं दी है वहीं दूसरी ओर इसके बेलगाम इस्तेमाल से बच्चे व युवा पीढ़ी अनेक मनोरोगों के शिकार हो रहें है। शनिवार को श्रीडूंगरगढ़ थाने में एक युवक को लेकर उसके परिजन पहुंचे। युवक के हाथ पैर, कमर में अनेक स्थानों पर ब्लेड से कट लगाने के निशान थे। पुलिस ने युवक से जानकारी ली तो सामने आया वो एक ऑनलाइन खेल खेलता है जिसमें आगे के स्टेज ऑपन करने के लिए मिलने वाले टास्क पूरे करने होते है। ऐसे में खुद के हाथों खुद को ही नुकसान पहुंचाने के वीडियो फोटो उसमें डालने होते है। पुलिस जवान भी हैरत में पड़ गए। खुद को घायल करने के गेम की जाल के गिरफ्त में भी अब छोटे कस्बाई व ग्रामीण अंचल के युवा व बच्चे भी फंस रहें है। युवक के अभिभावकों ने गेम साइट को बंद करवाने की मांग की है। (यहां मानवीयता के नाते युवक का नाम व उसकी पहचान उजागर नहीं की जा रही है।)
अभिभावक ध्यान देवें, बच्चों को फिजिकल खेलों से जोड़े।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। थानाधिकारी जितेंद्र कुमार स्वामी ने स्थिति पर चिंता जताते हुए क्षेत्र के अभिभावकों से बच्चों पर ध्यान देने की अपील की है। स्वामी ने कहा कि पेरेंटस बच्चों को समय देवें, उन्हें किसी फिजिकल खेल के साथ जरूर जोड़े। मामले की जांच कर रहें हैड कांस्टेबल देवाराम ने बताया कि युवक के फोन की जांच की गई तो उसने फोन को फॉरमेट मार दिया था। सख्ती से पूछताछ में युवक ने सारी बात बता दी। उसने बताया कि वह दो ऑनलाइन गेम खेल रहा था जिसमें घर से दूर जाने, कट लगाने, वीडियो बनाने के टास्क पूरे करने पर अगली स्टेज खुलती है। युवक ने अपने नाम के साथ गैमर जोड़ कर अपनी आईडी बना रखी है।
मनोचिकित्सक से लेंगे मदद।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पुलिस की समझाईश के बाद परिजन युवक को घर ले गए। पुलिस ने उनसे बालक के भले के लिए मनोचिकित्सक की मदद लेने की बात कही। परिजनों ने बीकानेर पहुंच कर युवक को मनोचिकित्सक से सेशन दिलवाने व उसका पूरा ईलाज करवाने की बात मान ली।
टाइम्स व्यू : सतर्क रहें अभिभावक, गेम के थ्रू ही हो रही है डाटा चोरी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़े शहरों में ही नहीं आज ये मामला क्षेत्र के एक छोटे से गांव से सामने आया है। कस्बे में भी अनेक ऐसे अभिभावक है जो बच्चों के घंटों गेम खेलने से परेशान है। अधिकांश गेम डाटा चोरी कर ब्लैकमेलिंग करने का आसान रास्ता बनते है। वहीं कुछ खतरनाक गेम बच्चों व युवाओं को खुद को ही नुकसान पहुंचाने के टास्क देते है जिससे उनके तन मन को नुकसान पहुंचने के साथ जीवन हानि तक की नौबत आ जाती है। आप भी सतर्क रहें आपके आस पास भी ऐसे बच्चे या युवा हो तो उन्हें व उनके परिजनों को सतर्क करें। इन खेलों से मानसिक दबाव, तनाव, ध्यान केंद्रित नहीं होना, नींद में कमी होना, मैदान के खेलों में रूचि नहीं लेना सामान्य हो जाता है। वे बच्चे अधिकांश समय फोन लेकर ही बैठे रहना पसंद करते है। ऐसे में अभिभावकों का समय देने के साथ मनोचिकित्सक से मदद ली जा सकती है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवक ने टास्क पूरा करने के लिए लगाए अपने हाथों में कट।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवक ने अपनी कमर में खुद ही टांका भी लगाया है, पुलिस ने की समझाईश।