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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अगस्त 2023। श्रीडूंगरगढ़ शहर में सामाजिक रीति रिवाजों ने परिवारों को आज भी सांस्कृतिक समृद्धि व विरासत के साथ जोड़ रखा है। क्षेत्र में सावन व भादवा माह में सत्तू की महक से घर आंगन ही नहीं श्रीडूंगरगढ़ का बाजार भी महक ही नहीं नागरिकों के मन भी महक रहें है। अधिकमास के साथ सावन दो होने के कारण नागरिक जमकर सत्तू का आनंद ले रहें है। बहन बेटियों के घर सत्तू पहुंचाने की रस्म निभाई जा रही है। गोपालदास स्वामी स्वीट्स के प्रिशु स्वामी ने बताया कि सावन के मौसम में कस्बे के निवासी व प्रवासी सहित अंचल के गांवो में भी सत्तू घर परिवारों में पहली पसंद बन गए है। बाजार में चावल, गेहूं, चना के साथ काजू, बादाम के सत्तू भी बनाए व सजाए जा रहे है। वहीं झंवरो की चक्की के राजेश झंवर ने बताया कि अनेक घरों में महिलाएं अपने रिश्तेदारों के यहां गेहूं, चना, चावल के साथ काजू व बादाम के सत्तू भी बांधकर भेज रही है। अनेक प्रकार की सजावटें भी की जा रही है। अनेक घरों में अनाज को सेंक कर पिसवाई करवाई जा रही है। बाजार में सिकाई कर पिसा हुआ आटा भी उपलब्ध है और पिसाई भी की जा रही है। बहरहाल क्षेत्र में सियासी पारा गर्म है परंतु अनेक परिवार सावन के झूले, सामूहिक भोज के आयोजन, सत्तू खाने व खिलाने, मेंहदी लगाने, भगवान भोलेनाथ को मनाने में व्यस्त है। घर के बड़े व बच्चे, महिलाएं बुजुर्ग सभी सत्तू का लुफ्त उठाने मग्न नजर आ रहें है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गोपालदास स्वामी स्वीट्स पर मिल रहें है अनेक प्रकार के सत्तू।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। झंवरो की चक्की पर हो रही है सत्तू की सिकाई।