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October 16, 2026
11-NOV
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 नवम्बर 2023।

शनिवार, नवंबर 11, 2023 का पंचांग
आज का पंचांग
तिथि त्रयोदशी – 13:59:59 तक
नक्षत्र चित्रा – 25:47:09 तक
करण वणिज – 13:59:59 तक, विष्टि – 26:27:55 तक
पक्ष कृष्ण
योग प्रीति – 16:57:14 तक
वार शनिवार
सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
सूर्योदय 06:52:10
सूर्यास्त 17:43:25
चन्द्र राशि कन्या – 13:02:06 तक
चन्द्रोदय 29:41:00
चन्द्रास्त 16:26:00
ऋतु हेमंत
हिन्दू मास एवं वर्ष
शक सम्वत 1945  शोभकृत
विक्रम सम्वत 2080
काली सम्वत 5124
दिन काल 10:51:15
मास अमांत आश्विन
मास पूर्णिमांत कार्तिक
अशुभ समय (अशुभ मुहूर्त)
दुष्टमुहूर्त 06:52:10 से 07:35:35 तक, 07:35:35 से 08:19:00 तक
कुलिक 07:35:35 से 08:19:00 तक
कंटक 11:56:05 से 12:39:30 तक
राहु काल 09:34:58 से 10:56:23 तक
कालवेला / अर्द्धयाम 13:22:55 से 14:06:20 तक
यमघण्ट 14:49:45 से 15:33:10 तक
यमगण्ड 13:39:12 से 15:00:36 तक
गुलिक काल 06:52:10 से 08:13:34 तक
शुभ समय (शुभ मुहूर्त)
अभिजीत 11:56:05 से 12:39:30 तक
दिशा शूल
दिशा शूल पूर्व
चन्द्रबल और ताराबल
ताराबल
भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
चन्द्रबल
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

शनिवार की प्रकृति दारुण है। यह भगवान भैरव और शनि का दिन है। समस्त दुःखों एवं परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए शनिवार के दिन उपवास रखना चाहिए। शनि हमारे जीवन में अच्छे कर्म का पुरस्कार और बुरे कर्म के दंड देने वाले हैं। कहते हैं कि जिसका शनि अच्छा होता है वह राजपद या राजसुख पाता है। तो आओ जानते हैं शनिवार को लाल किताब और ज्योतिष के अनुसार कौन से कार्य करना चाहिए और कौन से नहीं।

ये कार्य करें :
1. विभूति, भस्म या लाल चंदन धारण करें।
2. शनि वार को करें भोजन में तेल का त्याग।
3. गुरुवरु के बाद शनिवार को भी क्षमा मांगने का दिन माना जाता है।
4. नैऋत्य, पश्चिम और दक्षिण दिशा में यात्रा कर सकते हैं।
5. भवन निर्माण प्रारंभ, तकनीकी कार्य, शल्यक्रिया या जांच कार्य के लिए उचित दिन।
6. प्लास्टिक, तेल, पेट्रोल, लकड़ी, सीमेंट आदि क्रय और विक्रय का दिन।
7. शनिवार को पीपल के पेड़ में शाम को जल चढ़ाएं और तिल के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा कम से कम 11 शनिवार करें।
8. भैरव महाराज की उपासना करें। किसी भी भैरव मंदिर में शनिवार को शराब चढ़ाएं।
9. कौवे को प्रतिदिन रोटी खिलावें। विशेषकर शनिवार को कौवे को रोटी या वह जो भी खा सके उसे खिलाएं।
10. अंधे, अपंगों, सेवकों और सफाइकर्मियों से अच्छा व्यवहार रखें और उन्हें किसी भी प्रकार का दान दें। हो सके तो जूता दान करें।
11 सरसों का तेल और सिक्का (रुपया-पैसा) डालकर उसमें अपनी परछाई देखें और तेल मांगने वाले को दे दें या किसी शनि मंदिर में शनिवार के दिन कटोरी सहित तेल रखकर आ जाएं। यह उपाय आप कम से कम पांच शनिवार करेंगे तो आपकी शनि की पीड़ा शांत हो जाएगी और शनिदेव की कृपा शुरू हो जाएगी।

ये कार्य न करें :
1. शनिवार को शराब पीना सबसे घातक माना गया है। इससे आपके अच्छे-भले जीवन में तूफान आ सकता है।

2. पूर्व, उत्तर और ईशान दिशा में यात्रा करना मना है।
3. लड़के को शनिवार के दिन ससुराल नहीं भेजना चाहिए।
4. शनिवार के दिन तेल, लकड़ी, कोयला, नमक, लोहा या लोहे की वस्तु क्रय करके नहीं लानी चाहिए वर्ना बिना बात की बाधा उत्पन्न होगी और अचानक कष्ट झेलना पड़ेगा।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026