Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
10-octttttt
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 मई 2024। सरदारशहर रोड पर स्थित जयपुर पब्लिक स्कूल में आज अंतर्राष्ट्रीय फायर फाइटर डे मनाया गया। कार्यक्रम में श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका के फायर फाइटर विक्रम सिंह, शंकरलाल, मोहनप्रसाद का स्कूल के निदेशक कुंभाराम घिन्टाला ने स्वागत, सम्मान किया। दल ने आग लगने पर सुरक्षा के उपाय व बुझाने के उपायों की बच्चों को विस्तार से जानकारी दी। घिन्टाला ने बच्चों को बताया कि आग लगने पर तुरंत पालिका के नंबर 01565-222101 पर सूचना दें जिससे फायर ब्रिगेड गाड़ी पहुंच कर आग पर काबू पा सकें। स्कूल के संदीप गोदारा ने फायर फाइटर दल का आभार जताया। कार्यक्रम में अंशु शर्मा, सत्यपाल सिंह, संदीप सिंह, हरीश शर्मा, लक्ष्मण राम, विनोद, कंचन, पायल शर्मा, रजनी, पल्लवी, सुप्रिया, स्नेहा, चांदनी, कोमल, रणजीत कौर, रुचिका, ममता, मनीषा, मंजू, पायल, मानवी सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।

बच्चों को दिया प्रशिक्षण, दिखाए यंत्र।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। फायर फाइटर दल ने स्कूल प्रांगण में बच्चों को घर, फैक्ट्री, स्कूल, कॉलेज, सड़क पर वाहन, पैट्रोल पंप और रसोई गैस सिलेंडर में लगी आग में बचाव के उपाय समझाते हुए इसे बुझाने में बच्चे कैसे मदद करें का प्रशिक्षण दिया। विक्रम सिंह ने बच्चों को बताया कि नगरपालिका के पास दो फायर ब्रिगेड गाड़ियां है जिसकी 24 घंटे सेवा उपलब्ध रहती है। शंकरलाल ने बच्चों को विस्तार से जानकारी देते हुए विभिन्न श्रेणियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रेणी ‘ए’ लकड़ी, कपड़ा, कागज, जुट और कचरे के ढेर में लगी आग को बुझाने के लिए पानी का प्रयोग किया जाता है। श्रेणी ‘बी’ में पेट्रोल, डीजल और मिट्टी के तेल में लगी आग को बुझाने के लिए फेन (झाग) वाला यंत्र प्रयोग में लिया जाता है। श्रेणी ‘सी’ में एलपीजी गैस में लगी आग को बुझाने के लिए शुष्क चूर्ण पाउडर का प्रयोग किया जाता है। श्रेणी ‘डी’ में विद्युत के द्वारा लगी आग को बुझाने के लिए मिट्टी, सीटीसी या CO2 गैस प्रयोग में ली जाती है। दल के मोहनप्रसाद ने गैस सिलेंडर में लगने वाली आग को बुझाने के लिए डेमो दिया। दल ने जानकारी दी की आग लगने पर घबराना नहीं चाहिए बल्कि सिलेंडर को किसी कंबल, मोटी चद्दर आदि को पानी से गिला कर सिलेंडर को ढक देना चाहिए। जलते सिलेंडर को ऊपर से नीचे कभी नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि सिलेंडर तभी फटता है जब उसका तापमान 3000 डिग्री सेंटीग्रेड हो अन्यथा सिलेंडर नहीं फटता है। आग सिलेंडर के अंदर नहीं बल्कि उससे निकलने वाली गैस में लगी होती है उसे गीले कपड़े से ढक देने से आग स्वत: ही बुझ जाती है। दल ने बच्चों को फायर ब्रिगेड गाड़ी व यंत्रो को दिखाते हुए उनके कार्य करने के बारे में जानकारी दी।