Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
6f47c4a2ccef82986a67d847fcef9f24
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 नवंबर 2020। कस्बे में एक सामान्य वर्ग के टैक्सी चालक ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। टैक्सी चालक मुन्नीराम ने जो मिसाल प्रस्तुत की है उसके दर्शन दुर्लभता से ही होते है। मुन्नीराम स्वामी पुत्र झुमरदास स्वामी ने शुक्रवार शाम को घूमचक्कर से एक महिला गुड्डी देवी को मोमासर बास छोड़ने के लिए बिठाया और उनके घर के सामने छोड़ आया। मुन्नीराम उसके बाद तीन सवारियों को गंतव्य तक और छोड़ आया तभी एक सवारी ने कहा कि भैया ये थैला किसका पड़ा है.? मुन्नीराम ने थैला खोला तो उसमें 51 हजार नगद और गुड्डीदेवी का आधार कार्ड व बैंक के कागजात और मोबाइल था। मुन्नीराम ने फोन आने का इंतजार किया परन्तु कोई फोन नहीं आया। मुन्नीराम ने आधार कार्ड पर दिए एड्रेस से गुड्डीदेवी के घर गया। घर में गुड्डी देवी अपने पति व पुत्र को खोने के बाद थैला खो जाने से खाट पर बैठे अकेले सुबक रही थी।आशीर्वाद की झड़ी लगा दी गुड्‌डी देवी ने और कहा कि थैला खो जाने के बाद चाय पानी तक नहीं पी सकी है। उसे थैला लौटाया तो उसने आँसूओं से मुन्नीराम का आभार जताया। गुड्डी को अपने फोन नम्बर भी ध्यान नहीं थे कि वह अपने ही मोबाइल पर कॉल कर जान सकें की फोन कहाँ छूट गया है। गुड्डीदेवी अपने पति प्रतापसिंह ओड की मृत्यु के बाद बिजली विभाग में अनुकंपा नौकरी पर कार्यरत है और शुक्रवार को बैंक से अपने रुपए लेकर घर लौट रही थी। बेसहारा गुड्डी ने मुन्नीराम की ईमानदारी को देख कर कागजात लौटा देने की बात भी कही और उपहार भी देने का प्रयास किया परन्तु मुन्नीराम ने ईमानदारी से कमाएं धन पर ही अपना हक बताते हुए उपहार स्वरूप मिलने वाली राशि को भी अस्वीकार कर दिया।