Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 जुलाई 2025। ग्राम पंचायतों, पंचायत समिति एवं जिला परिषदों में तैनात पंचायती राज विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों में कार्य विभाजन एवं अधिकारों की जंग ओर तेज हो गई है। कैडर रिव्यू की मांग पर आंदोलनरत मंत्रालयिक कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रदेश भर में विधायकों, भाजपा के हारे हुए प्रत्याशियों, प्रधानों आदि जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की एवं अपना पक्ष रखते हुए ज्ञापन दिया। पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के प्रदेश स्तरीय आह्वान के तहत श्रीडूंगरगढ़ इकाई द्वारा श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत से मुलाकात की गई एवं न्याय दिलवाने की गुहार लगाई गई। इकाई अध्यक्ष सोहनराम इंदलिया, महामंत्री गोविंद सहाय मीणा, उपाध्यक्ष लक्ष्मणराम नैण, राकेश कुमार मीणा, ओमप्रकाश, चैनाराम, जयप्रकाश महावर, भागीरथ खिलेरी, रूपसिंह आदि मंत्रालयिक कर्मचारियों ने विधायक को ज्ञापन देते हुए वित्त विभाग के नियम विरूद्ध पंचायती राज विभाग द्वारा अपने दो कैडर के कार्मिकों में भेदभाव किए जाने की जानकारी दी गयी। कार्मिकों ने राज्य के सभी अन्य विभागों में वित्त विभाग के नियम की पालना करने एवं पंचायती राज विभाग द्वारा भी पालना करवाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा बजट में घोषणा करने की जानकारी भी दी गई। लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा की पालना में की जा रही कवायद को पंचायती राज विभाग द्वारा केवल ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा झूठी शिकायत करने पर रोक दिए जाने पर रोष जताया है। ज्ञापन में पंचायतों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पेमेंट में सिंगल ओटीपी सिस्टम के बजाए मेकर, चैकर एवं अप्रूवल सिस्टम लागू करवाने की मांग भी की गई। कार्मिकों ने जल्द उचित मांग पूरी नहीं करने एवं संघ के प्रदेश पदाधिकारियों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाही नहीं रोकने पर आंदोलन को तेज करने की चेतावनी भी दी गई।