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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 जून 2023। अनेक सरकारी योजनाओं में गरीब के जीवन को आसान करने के दावे शासन व प्रशासन द्वारा किए जाते है परंतु इन दावों की पोल खोलते प्रकरण हमें बहुतेरे हमारे आस पास ही नजर आ जाते है। सरकारी योजना में आवास स्वीकृत करवाने के लिए संघर्ष कर रहा एक परिवार आज खुले में दिन बीतने के बाद अब रात की चिंता में बुरी तरह से परेशान है। गांव बाडेला निवासी कुनाराम तिवाड़ी ने जार जार रोते हुए मदद की गुहार लगाई है। 42 वर्षीय कुनाराम अपनी 75 वर्षीय बुजुर्ग अंधी माता गीतादेवी के साथ रहता है। अलसुबह आए तूफान में उसका घर बे-छत हो गया और सारा सामान बरसात में भीग गया। बीपीएल परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। कुनाराम ने बताया कि उसकी पत्नी व चार बच्चों के साथ मकान नहीं होने के कारण अपने पीहर में ही रह रही है। रोते हुए कुनाराम ने कहा कि वह बाहर रहकर मजदूरी करता था परंतु कोरोना के बाद से ही बाहर जा नहीं पाया है और माता की देखभाल कर रहा है। मुश्किल से जमीन का टूकड़ा खरीदा जिसपर आसरे बनाने का प्रयास किया। तेज अंधड़ में छत के लिए रखे गए टिन शेड उड़ गए और परिवार सामान सहित खुले आसमान के नीचे आ गया। कुनाराम ने बताया कि मकान बन जाए तो पत्नी व बच्चे भी आकर रहें। गांव के बाबूलाल ज्याणी सहित अनेक ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद करने की मांग की है।
सरपंच प्रतिनिधि हेमाराम खिलेरी ने बताया कि इन्दिरा आवास में नए सरपंचों से कोई नाम नहीं लिए गए है व पुरानी लिस्ट के ही कार्य हो रहें है। पुरानी लिस्ट में कुनाराम का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आपस में मिलकर कुछ मदद के लिए प्रयास कर रहें है।

 

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बे-छत हुआ परिवार, बीत गया दिन, रात की चिंता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सामान ढकने को बस तिरपाल का ही बचा सहारा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सारे कपड़े और सामान भीग गया।