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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 मई 2026। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के दिवंगत भामाशाहों की ऐसी देन जो आज से कई दशकों पहले दी गई और जिसने श्रीडूंगरगढ़ शहर को अपने समानांतर शहरों से कहीं आगे पहुंचाने में योगदान दिया है। ऐसी ही एक देन है, दिवंगत बेगराज सोमाणी की, जिन्होनें वर्ष 1979 में श्रीडूंगरगढ़ में नेत्र चिकित्सालय बनवा कर राज्य सरकार को सुपुर्द किया था। यही कारण है कि श्रीडूंगरगढ़ ही नहीं आस पास के ग्रामीण अंचल को पांच से अधिक दशकों से नेत्र विशेषज्ञ की सेवाएं आमजन को मिल पा रही है। श्रीडूंगरगढ़ के समानांतर कस्बों में नेत्र चिकित्सा की ऐसे सरकारी अस्पताल की सुविधा आज भी उपलब्ध नहीं है। दिवंगत बेगराज सोमाणी की इसी सेवा भावना को उनके पुत्र राधाकिशन सोमाणी लगातार आगे बढ़ा रहे है। सोमाणी राजकीय बेगराज सोमाणी नेत्र चिकित्सालय में समय समय पर मरम्मत, उपकरणों की उपलब्धता आदि में अपना योगदान दे रहे है। चिकित्सालय प्रभारी डॉ सुनील गोयल ने बताया कि चिकित्सालय में काला पानी की जांच के लिए मशीन नहीं होने के कारण रोगियों को बीकानेर एवं अन्य जगहों पर जाना पड़ता था। ऐसे में सोमाणी परिवार से आग्रह किया गया तो राधाकिशन सोमाणी ने करीब 7 लाख रुपए की लागत से अत्याधुनिक एनसीटी मशीन उपलब्ध करवाई है। अब क्षेत्र के रोगियों के काला पानी की जांच एवं उपचार श्रीडूंगरगढ़ में ही संभव हो पाएगा। यह मशीन मोतियाबिंद ऑपरेशन के पहले एवं बाद की जांचों के लिए भी सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। मशीन का लोकार्पण सादे समारोह में किया गया एवं इस दौरान राधाकिशन सोमाणी एवं उनके परिवारजनों ने चिकित्सा सेवा का अवसर मिलने को अपना सौभाग्य बताया। डॉ सुनील गोयल एवं उपस्थित रोगियों ने सोमाणी परिवार का आभार जताया। इस मौके पर चिकित्सालय में नेत्र जांच एवं उपचार की सेवाओं को ओर अधिक सुचारू बनाने के लिए डॉक्टर सुनील गोयल ने डिजिटल लेंसोमीटर एवं स्लिट लैम्प माइक्रोस्कोप भी अस्पताल में प्रदान करने का आग्रह किया। इस पर राधाकिशन सोमाणी ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए शीघ्र ही ये अत्याधुनिक मशीनें क्रय करवाने की बात कही।