Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0b86eb24-505c-47cb-b4ff-c03c43d67f94
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ टाइम्स 20 जुलाई 2020। आधा सावन बीत गया और तहसील क्षेत्र में एक भी अच्छी बरसात अभी तक नहीं हुई है। क्षेत्र में लगभग बिजान अभी तक नहीं हुआ है और मूंगफली में भी प्यास आ गयी है। अब अगर बरसात नहीं हुई तो हालात खराब होंगे। किसान एकटक आसमान को निहार रहे है और बरसात का इंतजार कर रहे है। कोरोना ने बड़ी संख्या में लोगों से रोजगार छीन लिया है और इस संकटकाल में क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान खेतों की बुवाई करने की आस में बैठे है। अब तो भीषण गर्मी व तपते सूर्य के कारण कृषि कुओं पर खड़ी मूंगफली में भी बरसात की अति आवश्यकता आन पड़ी है और किसानों की हिम्मत अब टूटने लगी है। बुजुर्ग किसान मालाराम का कहना है कि अगर अगले हफ्ते तक बरसात नहीं हुई तो अकाल पड़ना तय हो जाएगा। आवारा पशुओं के लिए भी पानी का संकट मंडरा रहा है। क्षेत्र के गांव जालबसर में कल रात अच्छी बरसात होने से आज किसान हल संभाले खेतों की ओर निकले है पर बरसात की अभी जरूरत ओर है। गांव उदरासर में भी दो दिन पूर्व की बरसात के बाद बिजाण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है पर यहां भी इंद्र देव से मेह बरसाने की अरदास के साथ। गांव सातलेरा जैसलसर, बिग्गा के किसान बेसब्री से बरसात का इंतजार कर रहे है।
गांव गुसांईसर बड़ा में बरसात के लिए अंखड पाठ का आयोजन।
श्रीडूंगरगढ टाइम्स। गांव गुसांईसर बड़ा में हनुमान मंदिर में किसानों के लिए बादलों से बरस जाने की अरदास के साथ रामायण के अंखड पाठ का आयोजन किया गया। आयोजन शनिवार सुबह प्रारंभ हुआ जो आज रविवार सुबह पूरा हुआ। राज सारस्वत ने बताया कि ब्राह्मण समाज के युवाओं ने पाठ में उत्साह पूर्वक भाग लिया और लगातार 24 घंटों में पाठ को पूर्ण कर आज सुबह गांव में बरसात के लिए पूर्णाहुति आरती की और गांव में सभी वर्गों के लिए मंगलकामनाएं की गई।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव गुसाईंसर बड़ा के हनुमानजी मंदिर में बरसात के लिए रामायण के अखंड पाठ करवाया गया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सतलेरा की रोही में चौमासे में उड़ रही है धूल ,किसान है चिंतित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव उदरासर में किसान बिजान प्रारंभ करते।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जालबसर में शनिवार शाम व रविवार सुबह अच्छी बरसात के कारण गांव की गलियों में भरा पानी।