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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 नवंबर 2024। भारती निकेतन स्कूल की कक्षा 12 में हिंदी साहित्य के छात्र योगेश पुत्र हुकमचंद स्वामी क्षेत्र में उभरते हुए कवि के रूप में अपनी पहचान बना रहें है। कस्बे के कालूबास निवासी योगेश ने मातृभाषा हिंदी संगठन द्वारा नव कवियों के लिए आयोजित काशी कवि कुंभ में भाग लिया। योगेश ने बताया कि 10 व 11 नवंबर को काशी सेवा समिति के मालवीय सभागार में आयोजित समारोह में देश भर से करीब 151 कवियों की प्रस्तुति व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस मंच पर बीकानेर से एकमात्र योगेश व राजस्थान से दो नव युवा कवि शामिल हुए। कार्यक्रम में योगेश ने अपनी स्वरचित गजल “जमीं थक चुकी, फलक हैरानी बाकि है..” का पाठ किया। उनकी गजल सुनकर प्रसिद्ध कवि लक्ष्मीकांत ने दुपट्टा पहना कर उनका अभिवादन किया व रचना संसार में नियमित कार्य करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शामिल अनेक कवियों ने योगेश की सराहना की। योगेश ने श्रीडूंगरगढ टाइम्स को बताया कि उनका स्वरचित एक उपन्यास भी कुछ ही दिनों में प्रकाशित होने जा रहा है। योगेश ने हिंदी से प्रेम होने व हिंदी में आगे भी लेखन जारी रखने की बात कही। उनके दादा वरिष्ठ शिक्षाविद् आशाराम स्वामी ने टाइम्स को बताया कि योगेश की शुरू से ही काव्य व गद्य रचनाओं में रूचि रही है। स्वामी ने बताया कि योगेश लगातार ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रस्तुतियों के लिए प्रयास करता रहता है।