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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अगस्त 2023। अब सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के साथ साथ उनकी मांओं को भी स्कूल जाना होगा। लेकिन मां को स्कूल जाकर पढ़ाई के बजाए स्कूल की गतिविधियों का निरीक्षण करेगी एवं आधी छुट्टी तक वहीं रहेगी। शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार प्रतिदिन पांच बच्चों की मां प्रार्थना समय ही स्कूल पहुंचना होगा एवं आधी छुट्टी तक वहीं रह कर मिड डे मिल का भोजन चखने, दूध की गुणवत्ता देखने का कार्य करेगी। दरअसल यह आदेश राज्य की मुख्य सचिव उषा शर्मा के सरकारी स्कूल्स में माताओं का दखल बढ़ा कर स्तर में सुधार करने के लक्ष्य से निकाले गए है। गत दिनों आयोजित एक वीडियो कांफ्रेस बैठक में मुख्य सचिव ने इस संबंध में निर्देश दिए थे, जिसके बाद अब राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया। शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार अब हर स्कूल के प्रिंसिपल व हेडमास्टर सप्ताहभर का कलेंडर तैयार करेंगे कि किस बच्चे की मां को कब बुलाना है। इसके बाद एक दिन पहले माताओं को आमंत्रित किया जाएगा और अगले दिन चयनित माताएं प्रार्थना समय से आधी छुट्‌टी तक स्कूल में रुकेगी। मिड डे मिल के साथ दूध वितरण व्यवस्था को देखगी। इस बारे में रजिस्टर में सुझाव भी दे सकेंगी। मिड डे मिल आयुक्त चित्रा गुप्ता ने पिछले दिनों जारी आदेश में इस व्यवस्था की मोनिटरिंग के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को पाबंद किया है।

यह माना विभाग ने- शिक्षा विभाग का मानना है कि अगर माताएं स्कूल में रहेगी तो न सिर्फ मिड डे मिल और दूध बल्कि पढ़ाई के स्तर में भी सुधार होगा। विलंब से आने वाले टीचर्स भी समय पर आएंगे और स्कूल से बाहर रहने वाले टीचर्स पर भी पाबंदी रहेगी। हालांकि विलंब से आने वाले टीचर्स को कुछ भी कहने का अधिकार माताओं को इस आदेश में नहीं दिया गया है।