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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अक्टूबर 2025। राजस्थान में एक राज्य एक ग्रामीण बैंक की नीति के तहत क्षेत्रीय बडौदा राजस्थान, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राजस्थान मरूधरा ग्रामीण बैंक का विलय राजस्थान ग्रामीण बैंक में हो गया। ये 1 मई 2025 से प्रभावी है। क्षेत्र के ग्रामीण अंचल के हजारों किसानों के खाते इस बैंक में है। जनधन वाले हजारों की संख्या में अकाउंट इसी बैंक में है। सभी के अकाउंट नबंर नए आ गए है। परंतु जनाधार से अभी तक पुराने खातों लिंक है। वर्तमान में किसानों की ऑनलाइन गिरदावरी चल रही है, जिसमें किसानों की ऑनलाइन गिरदावरी नहीं हो पा रही है। किसानों को जनआधार में अपना अकाउंट नबंर बदलवाना होगा। उसके बाद ही उनकी गिरदावरी संभव हो सकेगी। ऐसे में दीपोत्सव का लंबा अवकाश व जनआधार में सुधार शीघ्र करवाने की मजबूरी ने किसान को पेरशान कर दिया है।
राजफैड डाटा नहीं उठा रहा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजफैड की साइट पर बैंक का नाम शो नहीं हो रहा है। राजफैड में पुराने बैंक का नाम शो हो रहा है परंतु उसके अकाउंट नबंर मान्य नहीं हो रहें। नए अकाउंट नबंर जनआधार से लिंक नहीं है और क्षेत्र के परेशान किसान इस ईमित्र से उस ईमित्र पर चक्कर काट रहें है। गत तीन दिनों में इस बैंक के उपभोक्ता एक भी किसान की गिरदावरी नहीं हो पाई है। गांव तोलियासर, लोढेरा, गुसाईंसर बड़ा, डेलवां, उदरासर सहित अनेक गांवो में प्राय: सभी किसान इसी बैंक के उपभोक्ता है। हजारों किसान इस समस्या का सामना कर रहें है।
किसानों को गिरदावरी और टोकन बंद होने का भय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रविवार को कुछ किसानों ने एक ई मित्र पर हंगामा मचाया और जनआधार में बदलाव कर गिरदावरी करने की मांग की। जिसमें ईमित्र संचालक ने अपनी मजबूरी बताई। परंतु किसान अड़े रहें जिन्हें समझाईश के बाद गांव लौटाया गया। ये नजारा रविवार को अनेक ईमित्र पर हुआ और संचालकों ने बताया है। बता देवें किसानों को दीपोत्सव के लंबे अवकाश के बाद गिरदावरी बंद होने का भय सता रहा है। किसानों ने बताया कि गिरदावरी बंद हो गई तो वे समर्थन मूल्य पर मूंगफली नहीं बेच सकेंगे और ये बड़ी भारी समस्या है।
जनआधार में बदलाव के लिए समय लगेगा अधिक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जानकारों ने बताया जनआधार में सामान्यत: कोई बदलाव करना हो तो उसमें सात से दस दिन तक समय लग जाता है। वहीं यदि ये संख्या हजारों में हो तो समय की गणना मुश्किल ही हो सकेगी। ऐसे में किसान जनआधार में बदलाव करवाने का मार्ग अपनाते है तो सैंकड़ों किसानों की गिरदावरी व टोकन कटने से वंचित रहने की पूरी संभावना है।
अधिकारी निश्चिंत, विधायक सारस्वत ने राजफैड को दिया पत्र।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गिरदावरी नहीं होने से किसानों की नींदे भले ही उड़ी हो परंतु बैंक के अधिकारी इस संबंध में निश्चिंत है। उनका कहना है कि वे उच्च अधिकारी के निर्देशों के बिना कुछ भी नहीं कह सकते। इस संबंध में वे कुछ प्रयास करेंगे ऐसा विश्वास किसानों को नहीं है। वहीं शनिवार को किसानों ने विधायक ताराचंद सारस्वत को इस समस्या से अवगत करवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सारस्वत ने जयपुर में अपने प्रतिनिधि को राजफैड के कार्यालय भेजा व पत्र देते हुए अधिकारियों को बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी सीधे उठाने और किसानों की गिरदावरी करने की मांग की है। अधिकारियों ने तकनीकी जानकारों की राय से सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।